पुलिस की बड़ी कामयाबी : 48 घंटे में अपहृत नाबालिग दस्तयाब

पुलिस की बड़ी कामयाबी : 48 घंटे में अपहृत नाबालिग दस्तयाब

मुख्य आरोपी और सहयोगी महिला गिरफ्तार

हरमुद्दा
​रतलाम, 3 जुलाई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सफलता हासिल की है। थाना माणकचौक पुलिस ने महज़ 48 घंटे के भीतर एक अपहृत नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब (बरामद) कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित उसकी सहयोगी महिला को भी गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।

घंटे में पुलिस ने सुलझाया मामला

मामले की गंभीरता को देखते हुए रतलाम पुलिस अधीक्षक  अमित कुमार द्वारा नाबालिग बालक-बालिकाओं की त्वरित तलाश और आरोपियों की धरपकड़ के लिए सख्त निर्देश दिए गए थे। इस पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। 

आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे

थाना प्रभारी माणकचौक निरीक्षक विक्रमसिंह चौहान के नेतृत्व में इस विशेष टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए महज 48 घंटे के भीतर नाबालिग को ढूंढ निकाला और आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

​क्या था पूरा घटनाक्रम?

​30 जून 2026 को फरियादी ने थाना माणकचौक में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग लड़की को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 349/26 पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया था।

आरोपी शुभम के साथ महिला को किया गिरफ्तार

​पुलिस ने मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जिनमें
​शुभम उर्फ संदीप (उम्र 20 वर्ष), पिता अशोक साल्वे, निवासी मकान नंबर 350, घासपुरा वार्ड नंबर 12, थाना कोतवाली, जिला खंडवा (हाल मुकाम: दौलतपुरा पासी मोहल्ला, बुरहानपुर)।
​एक महिला आरोपी (जिसने अपराध में आरोपी का सहयोग किया)।

इनकी रही सराहनीय भूमिका

​नाबालिग को सकुशल बरामद करने और आरोपियों को दबोचने में माणकचौक पुलिस और सायबर सेल की भूमिका बेहद सराहनीय रही। टीम में निरीक्षक विक्रमसिंह चौहान (थाना प्रभारी), उपनिरीक्षक (उनि.) लोकेन्द्रसिंह डाबर, प्रधान आरक्षक (प्रआर.) राजसिंह, आरक्षक महेश मईडा, आरक्षक मनोहर सिंह, आरक्षक हेमन्त चौहान, आरक्षक जीवन विश्वकर्मा, महिला आरक्षक वर्षा कैथवास, महिला आरक्षक वर्षा पाटीदार, महिला आरक्षक भारती पंवार, महिला आरक्षक मेघा राणा, महिला आरक्षक प्रवीणा एवं रतलाम सायबर सेल टीम।