सीएम जवाब दें या पद छोड़ें: युवाओं, किसानों और उज्जैन भूमि विवाद पर कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन

सीएम जवाब दें या पद छोड़ें: युवाओं, किसानों और उज्जैन भूमि विवाद पर कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन

जिला कांग्रेस कमेटी रतलाम ग्रामीण अध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत ने पत्रकार वार्ता में कहा - होगा चरण बद्ध आंदोलन

​हरमुद्दा
रतलाम, 3 जुलाई। ​मध्यप्रदेश में युवाओं के भविष्य, किसानों के संकट, उज्जैन भूमि प्रकरण और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधते हुए मांग की है कि वे इन गंभीर सवालों पर जनता को जवाब दें या अपने पद से इस्तीफा दें।


युवाओं के भविष्य से खिलवाड़: 'छात्रों की गूंज' अभियान

जिला कांग्रेस कमेटी रतलाम ग्रामीण के अध्यक्ष हर्ष विजय गेहलोत ने शुक्रवार को हुई पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया है कि प्रदेश में लाखों युवाओं का भविष्य लगातार अंधकार में धकेला जा रहा है। नीट (NEET) और सीबीएसई (CBSE) परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने देश और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े किए हैं। पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है। अब प्रदेश कांग्रेस 'छात्रों की गूंज' अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों के बीच जाएगी और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करेगी। 7 साल में 70 बार से अधिक पेपर लीक की घटना हुई है। प्रेस वार्ता में शहर कांग्रेस अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा, पार्षद सलीम बागवान, कमरुद्दीन कछवाए, कांग्रेस उपाध्यक्ष विजय उपाध्याय, प्रवक्ता सुजीत उपाध्याय सहित अन्य मौजूद थे। 


​खाद की किल्लत और कालाबाजारी से बेहाल किसान

​खरीफ सीजन के बीच मध्यप्रदेश का किसान गंभीर संकट से जूझ रहा है। कांग्रेस के अनुसार ​प्रदेशभर में डीएपी (DAP) और यूरिया की भारी किल्लत है। टोकन व्यवस्था के चलते किसानों को कई-कई दिनों तक कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है। समय वेस्ट होता है। राजस्थान छत्तीसगढ़ की तरह मध्य प्रदेश में भी ई टोकन प्रणाली खत्म करनी चाहिए। खाद की भारी कालाबाजारी हो रही है और किसानों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। बिजली की कटौती के कारण खरीफ की बुवाई बुरी तरह प्रभावित हुई है, वहीं मूंग खरीदी का कोटा कम होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

उज्जैन भूमि प्रकरण और महाकाल लोक पर घेरा

राष्ट्रीय समाचार पत्र 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जुड़े उज्जैन भूमि प्रकरण पर तीखे सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने कहा कि भूमि आवंटन के निर्णयों पर मुख्यमंत्री को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। अगर वे निर्दोष हैं, तो पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराएं। इसके साथ ही, 'महाकाल लोक' परियोजना के निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को लेकर भी सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।

भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए पोर्टल

​भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए बनेगा 'विशेष डिजिटल पोर्टल'
कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह जल्द ही एक विशेष डिजिटल पोर्टल लॉन्च करेगी। इसके जरिए प्रदेश का कोई भी नागरिक भ्रष्टाचार, अवैध संपत्ति या सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की जानकारी और दस्तावेज पूरी तरह गोपनीय रहते हुए साझा कर सकेगा। सत्यापन के बाद इन तथ्यों को जनता के सामने लाया जाएगा।

आंदोलन की पूरी रूपरेखा 

​कांग्रेस इस आंदोलन को सड़कों से लेकर विधानसभा तक ले जाने की तैयारी में है।

 चरणबद्ध कार्यक्रम तय 

⚫ ​14 व 15 जुलाई: इंदौर से भोपाल तक 'Gen Z Cyclothon' (साइकिल यात्रा) का आयोजन होगा।

⚫ ​15 जुलाई: भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का विशाल घेराव किया जाएगा।

⚫ ​जुलाई का अंतिम सप्ताह उज्जैन भूमि प्रकरण के विरोध में उज्जैन में एक विशाल जनआंदोलन और रैली होगी।

​जवाबदेही मांगना: मुख्यमंत्री जब भी किसी जिले के दौरे पर जाएंगे, कांग्रेस कार्यकर्ता उनसे सार्वजनिक रूप से ये सवाल पूछेंगे। इसके अलावा आगामी विधानसभा सत्र में भी इन मुद्दों पर सरकार को घेरा जाएगा।

​कांग्रेस का संकल्प

मध्यप्रदेश कांग्रेस के अनुसार, यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह युवाओं के रोजगार, किसानों के अधिकार और पारदर्शी शासन की रक्षा के लिए एक लोकतांत्रिक लड़ाई है। जब तक जनता को जवाब और पीड़ितों को न्याय नहीं मिल जाता, यह आंदोलन जारी रहेगा।