कर लिया वफादारी का सौदा : व्हाट्सएप पर आया 'OK' और हो गई 40 लाख की लूट, पुलिस ने 24 घंटे में किया सनसनीखेज खुलासा
⚫ शातिर कर्मचारी ही निकला मास्टरमाइंड
⚫ एक बेटा गिरफ्तार, अन्य एक बेटे सहित दो फरार
हरमुद्दा
रतलाम, 2 जुलाई। फिल्मों की तरह रची गई 40 लाख रुपये की लूट की एक ऐसी साजिश, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। 'ब्लिंकिट' डिलीवरी बॉय के भेष में आए लुटेरे, व्हाट्सएप का सीक्रेट 'OK' कोड और घर का ही एक ऐसा भेदी जिसने अपनी वफादारी का सौदा कर लिया। लेकिन कहते हैं न कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के हाथों से नहीं बच सकता। रतलाम पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर इस अंधी लूट का पर्दाफाश करते हुए न सिर्फ मुख्य साजिशकर्ता को दबोच लिया, बल्कि लूटी गई ₹40,00,000 (चालीस लाख) की पूरी रकम भी बरामद कर ली है।
क्या थी पूरी घटना?
पुलिस के अनुसार 30 जून 2026 को शहर सराय निवासी मनीष पटवा ने थाना स्टेशन रोड पर एक खौफनाक रिपोर्ट दर्ज कराई। उनके मित्र और शराब व्यवसायी गौरव शर्मा की विभिन्न दुकानों का करीब 40 लाख रुपये का कलेक्शन सुरक्षित रखने के लिए मनीष के ऑफिस भेजा गया था। ऑफिस में यह मोटी रकम मनीष के कर्मचारी फरदीन और उसके पिता फिरोज ने रिसीव की।
पिता और पुत्र रूपों से भरा बैग ले गए ऊपर
पैसे गिनने के बाद जैसे ही दोनों पिता-पुत्र रुपयों से भरा काला बैग लेकर घर की ऊपरी मंजिल पर जाने लगे, तभी अचानक 'ब्लिंकिट' (Blinkit) कंपनी की टी-शर्ट पहने और चेहरे पर कपड़ा बांधे एक नकाबपोश आया। उसने फरदीन को जान से मारने की धमकी दी, हाथ से रुपयों भरा बैग छीना और स्कूटी पर सवार होकर पलक झपकते ही रफूचक्कर हो गया। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस की 'सुपरफास्ट' जांच और व्हाट्सएप कोड का खुलासा

प्रेस वार्ता में जानकारी देते हो पुलिस अधीक्षक
पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में स्टेशन रोड थाना प्रभारी और साइबर सेल की एक संयुक्त 'स्पेशल टीम' बनाई गई। पुलिस ने जब घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, तो उन्हें कुछ कड़ियां अधूरी लगीं। सबसे बड़ा शक खुद फरियादी के कर्मचारी फरदीन पर गया।
कड़ाई से पूछताछ में उगला सच
पुलिस ने जब फरदीन को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने जो सच उगला, उसने पुलिस को भी चौंका दिया। दरअसल, फरदीन ही इस पूरी डकैती का मास्टरमाइंड था।
माल आ चुका धावा बोल दो
व्हाट्सएप का 'OK' कोड: पूछताछ में सामने आया कि जैसे ही 40 लाख रुपए फरदीन के हाथ में आए, उसने अपने भाइयों और साथियों को व्हाट्सएप पर "OK" का मैसेज भेज दिया। यह एक सीक्रेट सिग्नल था, जिसका मतलब था—'माल आ चुका है, धावा बोल दो।'
पुलिस को गुमराह करने के लिए पहनी ब्लिंकिंट की ड्रेस
मैसेज मिलते ही उसका भाई फैज और साथी असबाब (जो पहले ब्लिंकिट कंपनी में काम कर चुका था और जिसके पास कंपनी की ड्रेस थी) स्कूटी से वहां पहुंचे। पुलिस को गुमराह करने के लिए उन्होंने डिलीवरी बॉय का स्वांग रचा और लूट की झूठी कहानी को अंजाम दे दिया।
पूरी रकम बरामद, दो आरोपी फरार

पुलिस द्वारा जब्त की गई राशि 40 लाख रुपए
पुलिस ने मुख्य आरोपी फरदीन की निशानदेही पर उसके और आरोपी असबाब के घर के स्टोर रूम में छिपाकर रखी गई ₹40,00,000 की शत-प्रतिशत नगदी बरामद कर ली है।
गिरफ्तार आरोपी
⚫ फरदीन पिता फिरोज खान (उम्र 22 वर्ष), निवासी वेदव्यास कॉलोनी, रतलाम।
फरार आरोपी
⚫ फैज पिता फिरोज खान और असबाब पिता सलीम रंगरेज। पुलिस इन दोनों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल जैसी गुत्थी को महज 24 घंटे में सुलझाने में स्टेशन रोड थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्रपाल सिंह जादौन, उप निरीक्षक जितेन्द्र सिंह कनेश, मुकेश सस्तिया, विजय बामनिया, शिवेंद्र कुमार, नवलसिंह मिनावा, प्रधान आरक्षक मुकेश सिंह चौहान, अभिषेक पाठक, निलेश पाठक, शान्तीलाल डिण्डोर, आरक्षक लाखन सिंह, रितेश यादव, निर्मल कटारा और हेमंत पंवार की मुख्य भूमिका रही।
साथ ही तकनीकी साक्ष्य जुटाने में साइबर सेल के प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, आरक्षक विपुल भावसार, राहुल पाटीदार, तुषार सिसोदीया, पारस चावला और देवेन्द्र डोडिया का बेहतरीन और सराहनीय योगदान रहा। रतलाम पुलिस की इस मुस्तैदी की हर तरफ तारीफ हो रही है।
Hemant Bhatt