कलेक्टर ने किया मोरवनी फिल्टर प्लांट का निरीक्षण, लैब टेक्नीशियन के पास नहीं मिली आवश्यक सामग्री, लापरवाही हुई उजागर
कलेक्टर ने किया मोरवनी फिल्टर प्लांट का निरीक्षण, लैब टेक्नीशियन के पास नहीं मिली आवश्यक सामग्री, लापरवाही हुई उजागर
⚫ 5 कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी
⚫ ड्यूटी लिस्ट अनुसार अनुपस्थित कर्मचारी
⚫ लेब टेक्नीशियन के पास प्लांट पर आवश्यक सामग्री भी नहीं
⚫ प्लांट सफाई के रजिस्टर मेंटेन नहीं
हरमुद्दा
रतलाम, 02 जनवरी। इंदौर में हुई घटना के बाद रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह ने शुक्रवार को मोरवनी फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। यहां से शहर की टंकियां को वितरण के लिए पेय जल भेजा जाता है। यहां पर काफी लापरवाही उजागर हुई। इसके चलते 5 कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री एवं उपयंत्रियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। कलेक्टर ने एसडीएम को निर्देशित किया कि वे भी रेंडम आधार पर पेयजल की रिपोर्ट प्राप्त करें।

शहरवासियों को प्रदान किए जा रहे पेयजल व्यवस्था का कलेक्टर सिंह ने गहन निरीक्षण किया। उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि प्लांट वर्ष 1980 में बनाया गया था तथा शहरवासियों को अल्टरनेट दिवस के आधार पर पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
पेयजल वितरण के सैंपल लिए जाएं हर दिन
कलेक्टर ने निर्देशित किया कि प्लांट में जहां भी मरम्मत कार्य आवश्यक है उसका टेंडर कराया जाए, पेयजल का सेम्पल लिए जाने का कार्य निरंतर नियमित रूप से किया जाए। वार्ड में भी पेयजल के सेम्पल लिए जाए। अधिकारियों ने बताया कि निरंतर सेम्पल लिए जा रहे है तथा मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उज्जैन के अधिकारी भी निरंतर सेम्पल ले रहे है। कलेक्टर ने सेम्पल एवं सफाई व्यवस्था का रजिस्टर चेक किया मौके पर ही पेयजल के नमूने संग्रहित कराए और पानी की जांच कराई।

यह मिली गड़बड़ी, दिए इनको नोटिस
कलेक्टर द्वारा मोरवानी स्थित वाटर फिल्टर प्लांट के निरीक्षण के दौरान रजिस्टर में ड्यूटी लिस्ट अनुसार अनुपस्थित कर्मचारी, लेब टेक्नीशियन के पास प्लांट पर आवश्यक सामग्री की अनुपलब्धता एवं प्लांट सफाई के रजिस्टर मेंटेन नहीं होने के पर जल प्रदाय विभाग के कार्यपालन यंत्री राहुल जाखड़, सहायक यंत्री सुहास पंडित, उपयंत्री भैयालाल चौधरी, उपयंत्री ब्रजेश कुशवाह, उपयंत्री अनुपम मिश्रा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर 3 दिवस मे उत्तर प्रस्तुत करने के लिए आदेशित किया है। नियत 3 दिवस में उत्तर प्राप्त न होने पर एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम लें रेंडम आधार पर पेयजल की रिपोर्ट
टेक्नीशियन ने बताया कि पानी में टर्बिडिटी, क्लोराईड, कंडक्टिविटी, हार्डनेस, पीएच, ईकोलाई आदि की जांच की सुविधा उपलब्ध है। उन्होने बताया कि पानी की बैक्टीरियल जांच की रिपोर्ट 24 घण्टे में मिल पाती है। कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होने एसडीएम को निर्देशित किया कि वे भी रेंडम आधार पर पेयजल की रिपोर्ट प्राप्त करें।
यह थे मौजूद
नगर निगम आयुक्त अनिल भाना, शहर एसडीएम सुश्री आर्ची हरित, नायब तहसीलदार मनोज चौहान, सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
Hemant Bhatt