रतलाम जिले में बारिश का लेखा-जोखा: इस सीजन अब तक 275.25 मिमी औसत बारिश दर्ज,

रतलाम जिले में बारिश का लेखा-जोखा: इस सीजन अब तक 275.25 मिमी औसत बारिश दर्ज,

रतलाम शहर सबसे आगे

⚫ बाजना सबसे पीछे

हरमुद्दा
​रतलाम, 24 जुलाई। जिले में मानसून की गतिविधि लगातार जारी है। चालू वर्षा सत्र में 1 जून से लेकर अब तक जिले में औसतन 275.25 मिलीमीटर (मि.मी.) वर्षा दर्ज की जा चुकी है। वहीं, बीते 24 घंटों की बात करें तो जिले में औसतन 7.63 मि.मी. वास्तविक बारिश दर्ज हुई है। गुरुवार शुक्रवार की रात को रतलाम शहर में 17 मिमी बारिश दर्ज हुई।


​शुक्रवार सुबह 8:00 समाप्त हुए बीते 24 घंटे में रतलाम जिले में सभी दूर हल्की बारिश हुई। मगर रतलाम शहर में रात को झमाझम 17 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

बाजना रावटी में अच्छी बारिश का इंतजार

मौसम विभाग के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो जिले के अलग-अलग वर्षामापक केंद्रों पर बारिश का वितरण काफी असमान दिखाई दे रहा है। जहाँ रतलाम और पिपलोदा क्षेत्र में जोरदार बारिश दर्ज की गई है, वहीं बाजना और रावटी जैसे इलाकों को अब भी अच्छी बारिश का इंतजार है।

​पिछले 24 घंटों का हाल

रतलाम और सैलाना में झमाझम, जावरा में सुस्ती
​बीते 24 घंटों में सबसे अधिक बारिश रतलाम शहर और सैलाना क्षेत्र में दर्ज की गई:

⚫ ​रतलाम: 17.0 मि.मी. (सबसे अधिक)

⚫ ​सैलाना: 15.0 मि.मी.

⚫ ​पिपलोदा: 8.0 मि.मी.

⚫ ​बाजना व रावटी: 6.0 - 6.0 मि.मी.

⚫ ​आलोट: 4.0 मि.मी.

⚫ ​ताल: 3.0 मि.मी.

⚫ जावरा: 2.0 मि.मी. (सबसे कम)

​सीजन का कुल आंकड़ा (1 जून से अब तक)

रतलाम टॉप पर, बाजना सबसे पीछे

​1 जून से अब तक के कुल आंकड़ों पर नजर डालें तो रतलाम केंद्र 365.0 मि.मी. बारिश के साथ जिले में सबसे आगे है, जबकि बाजना केंद्र 169.0 मि.मी. के साथ सबसे निचले पायदान पर है।

एक नजर

⚫ रतलाम 365 मिमी। जिले में सर्वाधिक वर्षा

⚫ पिपलोदा 348 मिमी। दूसरे स्थान पर

⚫ आलोट 318 मिमी। अच्छी स्थिति में

⚫ जावरा 304.0300 मिमी। 

⚫ सैलाना 264 मिमी। औसत के करीब

⚫ ताल 248 मिमी। सामान्य

⚫ रावटी 195.0200 मिमी। सामान्य से कम

⚫ बाजना 169 मिमी। जिले में सबसे कम वर्षा

आंकड़े बेहतर होने की उम्मीद

रतलाम और पिपलोदा में जहां बारिश का आंकड़ा 350 मि.मी. के आसपास पहुंच रहा है, वहीं बाजना क्षेत्र में रतलाम की तुलना में आधे से भी कम (46%) बारिश हुई है। आगामी दिनों में मानसून के सक्रिय होने से शेष क्षेत्रों में भी आंकड़े बेहतर होने की उम्मीद है।