मामला सर्राफा कारोबारी रवि मोठिया आत्महत्या का : दुकान से दूसरे मिले सुसाइड नोट में झलक रहा वित्तीय तनाव

मामला सर्राफा कारोबारी रवि मोठिया आत्महत्या का : दुकान से दूसरे मिले सुसाइड नोट में झलक रहा वित्तीय तनाव

मामला कर्ज का, पुलिस जांच में 4 से 5 करोड़ और बाजार में एक अरब की चर्चा

⚫ दोस्तों से मांगी माफी

⚫ एसपी ने किया एसआईटी का गठन 

हरमुद्दा
​रतलाम, 13 अगस्त। शहर के व्यस्ततम चांदनी चौक स्थित 'महावीर ज्वेलर्स' के संचालक रवि मोठिया आत्महत्या मामले में पुलिस के हाथ एक और अहम सुसाइड नोट लगा है। घटना स्थल से एक सुसाइड नोट मिला था, जो उल्टी की वजह से खराब हो गया था और स्पष्ट पढ़ा नहीं जा सका था। अब पुलिस को दुकान की गहन तलाशी के दौरान एक अन्य सुसाइड नोट मिला है, जिससे मामले में कई नए तथ्य सामने आ रहे हैं। ​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।

​पुलिस जांच में 5 करोड़, बाजार में 1 अरब की चर्चा

पुलिस की अब तक की प्रारंभिक जांच में करीब 4 से 5 करोड़ रुपये के कर्ज की बात सामने आई है। वहीं, रतलाम के सर्राफा बाजार में दबी ज़बान यह चर्चा जोरों पर है कि यह लेनदेन और कर्ज का मामला करीब 1 अरब (100 करोड़ रुपये) के आसपास हो सकता है। कई दुकानदारों का सोना और चांदी भी अटकने की बात आ रही है। एसआईटी अब इस वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को सुलझाने में जुटी है।

दोस्तों और परिवार से मांगी माफी

​रवि मोठिया द्वारा छोड़े गए पत्र में गहरा भावनात्मक और वित्तीय तनाव साफ झलकता है। ​दोस्तों से क्षमायाचना: नोट में दीपक सोनी, सोनू चौरडिया, महेंद्र बोथरा, मनोज झालानी, अंतिम लोधा, चंद्रप्रकाश सोनी (पेटलावद), दीपक कटारिया, महेश सहित 8 से 9 दोस्तों के नाम लिखे गए हैं, जिनसे रवि ने माफी मांगी है।
​परिवार के प्रति भावुक संदेश: उन्होंने अपनी पत्नी माधुरी और दोनों बेटियों से माफी मांगते हुए परिवार को संभालने की बात कही है। इसके साथ ही पंकज बिलाला नामक व्यक्ति से बच्चों और परिवार की सुरक्षा का अनुरोध किया है।

​रिश्तेदारों के लेन-देन का हिसाब

​सुसाइड नोट में रवि ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि कुछ लोगों को पैसे लौटाए जाने हैं, जिनमें ज्योति जैन, कमलेश, सीमा मोठिया, पवन मोठिया के नाम शामिल हैं, जो परिजनों के अनुसार उनके रिश्तेदार हैं।​रवि ने नोट में आगे लिखा कि "बाकी किसी से न तो कुछ लेना है, और न ही किसी को कुछ देना है।"

​SIT की जांच पर टिकीं निगाहें

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार

​पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार, गठित एसआईटी सुसाइड नोट की प्रामाणिकता, वित्तीय लेन-देन के दस्तावेजों और इसमें नामजद लोगों से पूछताछ कर रही है। सर्राफा जगत से जुड़े इतने बड़े कारोबारी के इस आत्मघाती कदम से शहर के व्यापारिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है, और सभी की नजरें अब पुलिस जांच के अगले मोड़ पर टिकी हैं।