जर्जर छतों के नीचे बचपन: रतलाम में 25 सरकारी स्कूल भवन 'खतरनाक' घोषित

जर्जर छतों के नीचे बचपन: रतलाम में 25 सरकारी स्कूल भवन 'खतरनाक' घोषित

⚫ अब कहां बैठेंगे नौनिहाल?

हरमुद्दा
​रतलाम, 28 सितंबर। नौनिहालों की सुरक्षा और शिक्षा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। रतलाम जिले में जर्जर हो चुके स्कूल भवनों के मुद्दे को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की तकनीकी अनुशंसा और जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने जिले के 25 पुराने प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय भवनों को 'जीर्ण-शीर्ण' (खतरनाक) घोषित कर दिया है।

कलेक्टर अजय कटेसरिया

प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी करते हुए इन सभी 25 भवनों में तत्काल प्रभाव से किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियों और कक्षाओं के संचालन पर पूर्ण रोक लगा दी है। अब इन जर्जर कमरों में बच्चे नहीं बैठेंगे, जिससे किसी संभावित हादसे का खतरा टल गया है।

विकासखंडवार: जानिए कौन-कौन से स्कूल भवन हुए बंद

​प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार रतलाम, पिपलौदा और आलोट विकासखंड के निम्नलिखित स्कूलों के भवनों को अनुपयोगी घोषित किया गया है। 

​विकासखंड रतलाम (कुल 19 भवन)

​रतलाम विकासखंड में सबसे ज्यादा 19 स्कूल भवन जीर्ण-शीर्ण पाए गए हैं।
​प्राथमिक विद्यालय: चिकलिया क्र.-1, कलोलीखुर्द, भटूनी, सज्जनपाड़ा, कालूखेड़ी, सरवड़, कुड़ीपाड़ा, झरखेड़ी, लालगुवाड़ी, जवाहर नगर, बीड़पाड़ा, नई आबादी पंचेड़ तथा प्रोन्नत प्राथमिक विद्यालय चन्दोडिया।
​माध्यमिक एवं हाईस्कूल: हाईस्कूल सेमलिया, माध्यमिक विद्यालय धतुरिया, एकीकृत माध्यमिक विद्यालय बोरवाना तथा हाईस्कूल प्रीतमनगर।
​अनौपचारिक/ईजीएस केंद्र: ई.जी.एस. हरिजन बस्ती पंचेड़ एवं यू.ई.जी.एस. गुजरपाड़ा।
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⚫ विकासखंड पिपलौदा (कुल 4 भवन)

​प्राथमिक विद्यालय हतनारा
​प्राथमिक विद्यालय पंचेवा
​प्राथमिक विद्यालय खेड़ावदा
​प्राथमिक विद्यालय छोटीनाल
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⚫ विकासखंड आलोट (कुल 2 भवन)

​प्राथमिक विद्यालय पिपलियापीथा
​एकीकृत माध्यमिक विद्यालय बामनखेड़ी

​अब सबसे बड़ा सवाल: कहां पढ़ेंगे बच्चे?

​कलेक्टर के इस कदम से बच्चों की सुरक्षा तो सुनिश्चित हो गई है, लेकिन इसके साथ ही कुछ अहम सवाल भी खड़े हो गए हैं।

​वैकल्पिक व्यवस्था क्या है?

जिन 25 स्कूलों के भवनों को बंद किया गया है, वहां दर्ज सैकड़ों छात्र-छात्राओं के बैठने और पढ़ाई के लिए विभाग ने क्या वैकल्पिक इंतजाम किए हैं?

​नए भवनों का निर्माण कब?

इन जर्जर भवनों के स्थान पर नए भवन कब स्वीकृत होंगे और उनका निर्माण कार्य कब तक पूरा होगा?

​क्या प्रभावित होगी पढ़ाई? 

क्या बच्चों को पास के अन्य स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा या किराए के भवनों में कक्षाएं लगेंगी?

​प्रशासनिक रुख

कलेक्टर कटेसरिया ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जर्जर भवनों का उपयोग शैक्षणिक कार्य के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

​शिक्षा विभाग को अब इन 25 स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए तत्काल सुचारू और सुरक्षित वैकल्पिक बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी, ताकि बच्चों का भविष्य और पढ़ाई दोनों सुरक्षित रह सकें।