सामाजिक सरोकार : अगरबत्ती निर्माण कर व्यतीत करें सम्मान पूर्वक जीवन
⚫ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रतलाम अध्यक्ष सुश्री नीना आशापुरे ने कहा
⚫ जावरा उप जेल में निरुद्ध बंदियों के लिए अगरबत्ती निर्माण प्रशिक्षण शिविर शुरू
⚫ स्वच्छ वातावरण बनाने के लिए पौधारोपण व संरक्षण करना अत्यंत आवश्यक
हरमुद्दा
रतलाम, 8 जुलाई। अगरबत्ती निर्माण का प्रशिक्षण प्राप्त कर जेल से निकलने के बाद स्वरोजगार कर आय अर्जित करें। समाज में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकते है। स्वच्छ वातावरण बनाने के लिए पौधारोपण व संरक्षण करना अत्यंत आवश्यक है। पौधारोपण के पश्चात उनकी देखभाल भी किया जाना अत्यन्त आवश्यक है।

यह विचार प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रतलाम सुश्री नीना आशापुरे ने व्यक्त किए। सुश्री आशापुरे की उपस्थिति में अगरबत्ती निर्माण प्रशिक्षण शिविर का आयोजन निरूद्ध बंदियों के लिए किया गया। इस अवसर पर पौधा रोपण भी किया गया।
निरुद्ध बंदियों के लिए प्रशिक्षण
प्रथम जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष सुश्री आशापुरे, तहसील विधिक सेवा समिति, जावरा के जंगबहादुर सिंह राजपूत एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव नीरज पवैया की उपस्थिति एवं सेंटल बैंक ऑफ इंडिया एवं ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, रतलाम के सहयोग से उपजेल जावरा में निरुद्ध बंदियों के लिए अगरबत्ती निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। निरुद्ध बंदियों को प्रशिक्षण लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

किया पौधारोपण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रतलाम द्वारा चलाए जा रहे पौधारोपण अभियान अंतर्गत शिविर में उपस्थित न्यायाधीश व अधिकारी द्वारा भी पौधारोपण किया गया।
यह थे मौजूद
शिविर के दौरान सहायक जेल अधीक्षक देवेन्द्र चन्द्रावत, सेंट आरसेटी निर्देशक दिलीप सेठिया, सेंटल बैंक ऑफ इडिया वरिष्ठ प्रबंधक त्रिलोक सांखला, शाखा प्रबंधक जावरा विकास गौर सहित उपजेल जावरा स्टॉफ सहित तहसील विधिक सेवा समिति जावरा का स्टॉफ उपस्थित रहा। संचालन श्री सांखला ने किया। आभार एवं धन्यवाद सहायक जेल अधीक्षक चन्द्रावत द्वारा व्यक्त किया गया।
Hemant Bhatt