करमदी तालाब में डूबने से 18 वर्षीय युवक की मौत
⚫ प्रशासन के दावों की खुली पोल
⚫ गणेश विसर्जन के सुरक्षा प्रबंधों पर उठे सवाल
हरमुद्दा
रतलाम, 25 सितंबर। गणेश विसर्जन के पावन पर्व की खुशियों के बीच शुक्रवार शाम करमदी स्थित सूरजमल जैन तालाब पर एक हृदयविदारक हादसा हो गया। सुरक्षा के तमाम प्रशासनिक दावों के बावजूद गहरे पानी में डूबने से 18 वर्षीय युवक महेश गरवाल की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने विसर्जन स्थलों पर तैनात सुरक्षा व्यवस्था और जमीनी सतर्कता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

गहरे पानी में जाने से रोका क्यों नहीं?
जानकारी के अनुसार, मृतक महेश पिता रामा गरवाल (मूल निवासी ग्राम गरवाड़ा, हाल मुकाम सालाखेड़ी) अपने साथियों के साथ प्रतिमा विसर्जित करने सूरजमल जैन तालाब पहुंचा था। पुलिस और प्रशासन का दावा है कि तालाब पर कम गहराई वाला स्थान निर्धारित कर पुलिस बल व तैराकों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद सवाल यह उठता है कि जब स्थल पर पर्याप्त पुलिस बल और होमगार्ड के जवान तैनात थे, तब युवक निर्धारित सीमा को पार कर गहरे पानी तक कैसे पहुंच गए? क्या मौके पर बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड या उन्हें रोकने के लिए कोई पुख्ता घेराबंदी नहीं की गई थी?। घटना के बाद एक पुलिसकर्मी ही महेश को लेकर दौड़ा और गाड़ी तक पहुंचा।
लापरवाही की भेंट चढ़ी परिवार की उम्मीदें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विसर्जन के दौरान पैर फिसलने से महेश गहरे पानी में जा गिरा। उसके साथी विकास ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में पुलिस और ग्रामीणों की मदद से उसे निकालकर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक महेश अपने परिवार में दो भाइयों में छोटा था और उसके पिता सालाखेड़ी के एक निजी वेयरहाउस में चौकीदारी करते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित?
हर साल त्यौहारों के दौरान प्रशासन द्वारा विसर्जन स्थलों पर गोताखोरों, लाइफ़ जैकेट और सुरक्षा घेरे के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। लेकिन करमदी तालाब की यह घटना दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर निगरानी में भारी चूक रही। यदि समय रहते युवकों को गहरे क्षेत्र में जाने से टोका जाता या वहां सख्त पहरा होता, तो एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझने से बच सकता था। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाकर मामला जांच में लिया है, लेकिन इस हादसे ने प्रशासनिक मुस्तैदी और विसर्जन स्थलों पर इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है।
Hemant Bhatt