पर्दाफाश : फरियादी मुनीम ही निकला आरोपी, मालिक के लाखों रुपए हड़पने की साजिश हुई नाकाम

पर्दाफाश : फरियादी मुनीम ही निकला आरोपी, मालिक के लाखों रुपए हड़पने की साजिश हुई नाकाम

झूठी कहानी रचकर पुलिस को किया गुमराह

⚫ फरियादी और सहयोगी पुलिस की गिरफ्त में

⚫ पुलिस के सामने गुनाह किया कबूल

हरमुद्दा
रतलाम, 25 जून। व्यापारी मालिक के रुपए उगरानी करने आए मुनीम ने झूठी कहानी रच कर रुपए लूटने की बात बताई, मगर पुलिस के सामने उसकी एक में चली। रुपए हड़पने की साजिश में सहयोगी को भी गिरफ्तार किया तो का पर्दाफाश हुआ। फरियादी मुनीम ही आरोपी था। करीब 9 लाख 73750 पर हाथ साफ करने की योजना थी। पुलिस ने 9 लाख 50000 और बैग आरोपियों के कब्जे से जब्त किया है। 

पत्रकार वार्ता में मामला 20 जून 2025 का है। पचौर के व्यापारी अनिल कुमार, सुनील कुमार गुप्ता के रुपए की उगरानी के लिए मुनीम कैलाश (40) पिता बापूलाल नागर निवासीग्राम पानिया थाना पचौर जिला राजगढ़, बाजना आया था। उसने बताया कि वह ₹973750 बैग में रखकर बस रतलाम आ रहा था, तभी रास्ते में पास बैठे किसी व्यक्ति ने लिक्विड उड़ाया। इस कारण आंखों में जलन हुई और नींद आने लगी। जब होश में आया तो पास में रखा रुपयों का बैग गायब था। कैलाश की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 302/2025 धारा 303(2) बीएनएस का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। व्यापारी गुप्ता के यहां पर कैलाश 20 वर्षों से मुनीम का कार्य देख रहा है। 

जांच पड़ताल हुई तो पहुंचे मुद्दे पर

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच पड़ताल की। तो पुलिस को पता चल गया कि कैलाश गुमराह कर रहा है। रुपए हड़पने की योजना से पर्दाफाश हुआ है। पास बैठा व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि उसी का सहयोगी मुकेश (35) पिता राजेन्द्र सक्सेना था, जो कि कैलाश के ही गांव का ही रहने वाला है। कैलाश तो बेहोश होने का नाटक कर रहा था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से बैग और 9 लाख 50000 जब्त किए।

इनकी रही सराहनीय भूमिका

फरियादी की योजना को पर्दाफाश कर उन्हें गिरफ्तार करने में निरीक्षक रणजीत सिंगार, उप निरीक्षक के.एल.रजक, सहायक उप निरीक्षक योगेश निनामा, सायबर सेल रतलाम से प्रधान आरक्षक मनमोहन शर्मा, प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण सूर्यवंशी, आरक्षक विपुल भावसार, राहुल पाटीदार, ज्ञानेन्द्र सिंह, शैलेन्द्र सिंह रावत (थाना माणक चौक), प्रेम निनामा, शंकर राव शिन्दे, किशन मचार, दरबार जमरा, नरवर मईडा की सराहनीय भूमिका रही।