सामाजिक सरोकार : त्रिवेणी मुक्ति धाम पर अस्थियां रखने के लिए भेंट की स्टील की 30 खन की अलमारी
⚫ संतो के हाथों करवाया गया समर्पण
⚫ समाजसेवी ऋषभ झालानी ने अपने माता-पिता की स्मृति में किया अनुकरणीय कार्य
हरमुद्दा
रतलाम, 13 दिसंबर। शहर के प्राचीन त्रिवेणी मुक्तिधाम पर झालानी परिवार द्वारा स्टेनलेस स्टील की 30 खन की अलमारी अस्थियां रखने के लिए झालानी परिवार तथा समजसेवी ऋषभ झालानी द्वारा उनके पिता गोपाल दास झालानी एवं माता श्रीमती आशा झालानी की स्मृति में समर्पित की गई।

महामण्डलेश्वर प्रणवानंद जी ओंकारेश्वर, स्वामी किशोर चेतन्यता जी, स्वामी मणि महेश चेतन्यता जी, स्वामी आत्मानंद जी और स्वामी देवस्वरूपानन्द जी महाराज के हाथों से समर्पण कराया गया।
कुछ नहीं बिगाड़ सकता पांच-छह दशक तक

समाजसेवी ऋषभ झालानी
समाजसेवी ऋषभ झालानी ने बताया कि मुक्तिधाम पर उपलब्ध सुविधा एंगल और शीट की होने से अधिकतर खन टूटे या काम नहीं आने की स्थिति में थे। यह देखकर झालानी परिवार द्वारा तय किया गया कि एक ऐसी अलमारी दी जाए जिससे कम से कम 50 -60 साल तक कुछ भी ना हो।
बनवाने में रखा गया विशेष ध्यान

श्री झालानी ने बताया इसीलिए यह अलमारी पूरी स्टेनलेस स्टील की हैवी शीट और पाइप में बनवाई गई। दरवाजे इस तरह से बने कि ना नकुचा टूट सकता है। उसमें कब्जे नहीं हैं जिनकी जगह पिन का उपयोग किया गया ताकि यह स्थाई रहे। उल्लेखनीय की सनातन संस्कृति में अस्थियां घर नहीं लेजा जाती है। अंतिम संस्कार के बाद अस्थि संचय से लेकर दशा कर्म एक दिन पहले तक अस्थियां मुक्ति धाम पर ही रहती है।
यह थे मौजूद
समर्पण अवसर पर झालानी परिवार से ऋषभ झालानी, प्रमोद झालानी, कैलाश झालानी, प्रवीण झालानी, उमेश झालानी, राजकुमार झालानी, विकास झालानी, देवराज झालानी, वीरेंद्र सिंह चुँडावत, जयराज पुरोहित आदि सहित बड़ी संख्या में सनातनी बंधु उपस्थित रहे।
Hemant Bhatt