रतलाम में महत्वपूर्ण रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण ठप

रतलाम में महत्वपूर्ण रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण ठप

रतलाम में महत्वपूर्ण रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण ठप

अधिग्रहण नहीं हुआ पूरा, इसलिए काम अधूरा

जाम की समस्या के लिए जरूरी ब्रिज

मुआवजे न मिलने से किसानों का विरोध

राकेश पोरवाल
रतलाम, 13 दिसंबर। जिले में सेजावता-बंजली बायपास रोड पर प्रस्तावित चार लेन रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य पिछले छह महीनों से अधिक समय से रुका पड़ा है। इसका मुख्य कारण निजी भूमियों के अधिग्रहण के लिए मुआवजे का भुगतान न होना बताया जा रहा है। प्रभावित किसान और भूमि स्वामी निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं, जिससे परियोजना की समय-सीमा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। 


परियोजना की स्वीकृत लागत 3430.24 लाख रुपए है और अनुबंध क्रमांक 08/2025-26 के तहत कार्यादेश मई-जून 2025 में जारी किया गया था। नवंबर 2025 से विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। 

अधिग्रहण नहीं हुआ पूरा, इसलिए काम अधूरा

ब्रिज निर्माण स्थल पर निजी भूमियों का अधिग्रहण पूरा नहीं होने से भूमि स्वामी कार्य शुरू नहीं होने दे रहे हैं। इससे कई समस्याएं उत्पन्न हो रहा  है। निर्धारित समय में कार्य पूरा करना असंभव हो गया है।

तब तक नहीं शुरू हो सकता काम

ठेकेदार ने स्पष्ट किया है कि जब तक विभाग पूर्ण रूप से क्लियर साइट (बिना किसी अवरोध के) हैंडओवर नहीं करेगा, तब तक कार्य की प्रारंभ तिथि नहीं मानी जाएगी। 

मुआवजे की देरी से आजीविका प्रभावित

स्थानीय निवासियों और किसानों का कहना है कि मुआवजे की देरी से उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है, और वे बिना उचित मुआवजे के भूमि नहीं छोड़ेंगे।

जाम की समस्या के लिए जरूरी ब्रिज

यह परियोजना रतलाम के यातायात को सुगम बनाने और रेलवे क्रॉसिंग पर जाम की समस्या को हल करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द मुआवजा जारी नहीं किया गया, तो परियोजना और अधिक लेट हो सकती है, जिससे क्षेत्रीय विकास को झटका लगना तय है।
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन कागजी कार्रवाई में देरी हो रही है।

जनप्रतिनिधियों ने जताई चिंता

स्थानीय विधायक और जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है और विभाग से त्वरित कार्यवाही की मांग की है। यदि मुआवजा जल्द जारी नहीं हुआ, तो यह परियोजना राज्य सरकार की बुनियादी ढांचा विकास योजनाओं पर सवाल खड़े कर सकती है। उम्मीद है कि प्रशासन इस महत्वपूर्ण ब्रिज को प्राथमिकता देकर किसानों को मुआवजा प्रदान करेगा, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सके और जनता को इसका लाभ मिले।