शिक्षा सरोकार : उपलब्धि और सम्मान के रजत जयंती वर्ष में श्री गुरु तेग बहादुर एकेडमी
⚫ अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पोर्ट्स एकेडमी की ओर बढ़ते कदम
⚫ गरीब वर्ग के लिए लगभग प्रतिवर्ष एक करोड रुपए खर्च शिक्षण पर
हरमुद्दा
रतलाम, 15 अक्टूबर। शहर और समाज के लिए गर्व की बात है कि शिक्षा से सरोकार रखते हुए उपलब्धि और सम्मान के रजत जयंती वर्ष के पायदान पर श्री गुरु तेग बहादुर एकेडमी पहुंची है। रजत जयंती वर्ष में विभिन्न आयोजन होंगे। 16 अक्टूबर को स्पोर्ट्स कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

पत्रकार वार्ता में श्री डंग जानकारी देते हुए
यह बात श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के अध्यक्ष सरदार गुरुनाम सिंह डंग ने पत्रकार वार्ता में कहीं। श्री डंग ने बताया कि शिक्षा के दान से बड़ा कोई दान नहीं है और शिक्षा दान का कार्य रतलाम शहर में निस्वार्थ भाव से किया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में एक विश्वसनीय नाम जो सेवा संस्कृति, संस्कार, सहयोग और सृजन को बढ़ावा देते हुए समाज, शहर और राष्ट्र निर्माण में निःस्वार्थ अपना योगदान दे रहा है।
30 विद्यार्थियों के साथ शिक्षा के सफर की शुरुआत
श्री डंग ने बताया कि सन् 1981 में न्यू रोड स्थित भवन में सरदार राजेंद्र सिंह डंग की अध्यक्षता में श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति का गठन हुआ । समिति के सदस्य सरदार रेवेल सिंह, सरदार महेन्द्रपाल सिंह अजीमल, सरदार हरदयाल सिंह वाधवा, सरदार गुरुचरण सिंह, सरदार महेन्द्र सिंह चावला, सरदार दर्शन सिंह, सरदार चेत सिंह, सरदार अवतार सिंह, सरदार सरदार सिंह, सरदार हवैला सिंह एवं अन्य सहयोगी सदस्यों के दृढ निश्चय और श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन आदर्शों का पालन करते हुए श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति के मार्ग दर्शन में 30 बच्चों के साथ श्री गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के सफर की शुरुआत हुई।
फिर पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल की हुई शुरुआत
सन् 1991 में तत्कालीन संस्था अध्यक्ष सरदार हरदयाल सिंह वाधवा, सचिव महेन्द्रपाल सिंह अजिमल व समिति के नेतृत्व में शास्त्री नगर में श्री गुरु तेग बहादुर पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल में प्रथम बोर्ड परीक्षा (10वीं) का संचालन हुआ।
2001 में श्री गुरु तेग बहादुर एकेडमी की हुई शुरुआत
लगातार प्रगति के पथ पर अग्रसर होते हुए कुछ ही वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में नवीन आयाम हासिल करते हुए सन् 2001 में श्री गुरु तेग बहादुर एकेडमी की स्थापना हुई । खेल के क्षेत्र में सन् 2008 CBSE क्लस्टर में प्रथम बार में ही विद्यालय के विद्यार्थी ने 3000 मीटर रेस में पदक हासिल कर नेशनल के लिए क्वालीफाई किया।
उत्तरोत्तर प्रगति की ओर अग्रसर
श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति में सन् 2010 से अध्यक्ष पद पर सरदार गुरनाम सिंह डंग के सफल मार्गदर्शन में समिति द्वारा संचालित संस्थाएँ उत्तरोत्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
विभिन्न खेल गतिविधियों का संचालन
विद्यालय के रजत जयंती वर्ष को मनाते हुए हम अति उत्साहित व नई ऊर्जा का अनुभव कर रहे है । श्री गुरु तेग बहादुर एकेडमी के विद्यार्थियों का सत्र 2010-2011 से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड दिल्ली (CBSE) की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का परीक्षा परिणाम निरंतर शत् प्रतिशत रहता है। शिक्षा के साथ ही सामाजिक, सांस्कृतिक व विभिन्न खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ग्रीष्मकालीन केम्प का संचालन समिति द्वारा किया जा रहा है। जिसमें घुड़सवारी, तैराकी, रायफल शूटिंग, मलखम्भ और एडवांस योग, जुड़ो-कराटे, स्केटिंग, शतरंज जैसे विभिन्न खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों का सर्वांगींण विकास हो रहा है । CBSE क्लस्टर व नेशनल खेल प्रतियोगिताओं में एकेडमी के विद्यार्थियों ने लगातार पदक हासिल कर स्कूल व शहर का नाम गौरवान्वित किया है। समिति इंटरनेशनल स्तर की स्पोर्ट्स एकेडमी बनाने के लिए कृत संकल्पित है प्रोजेक्ट इंजीनियरों के पास है। सरकारी कार्रवाई भी पूरी करना है। स्पोर्ट्स एकेडमी में इंटरनेशनल स्तर के कोर्ट बनाए जाएंगे उसके अनुसार ही कोच भी रहेंगे। हॉस्टल सुविधा भी शुरू करने का विचार है।
जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा में सहयोगी समिति
प्रश्न के जवाब में श्री डंग ने बताया कि गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए समिति द्वारा शिक्षा सहित अन्य सुविधाओं पर लगभग एक करोड रुपए खर्च किए जाते हैं। शुल्क मुक्ति सहित कुछ विद्यार्थियों का सारा खर्च स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा वहन किया जाता है। कोरोना काल में भी हमने किसी भी टीचर को नहीं निकाला। न ही उनकी सैलरी को काम किया गया। प्रश्न के जवाब में श्री डंग ने बताया कि स्कूल की बसें उनके फिटनेस वगैरह सभी अप टू डेट रहते हैं। हर बस में तीन का स्टाफ रहता है जीपीएस लगा है। स्कूल में केपीसीटी बढ़ाने के मुद्दे पर समिति का कोई देर नहीं है। प्रारंभिक कक्षा में हर साल 200 से 250 एडमिशन होते हैं 9 वीं से 12वीं में मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाता है।
खेल चेतना मेले में 7 वर्ष तक सर्वश्रेष्ठ विद्यालय व चैंपियनशिप से सम्मानित
चेतना खेल मेला में भी एकेडमी को कुल 7 वर्षों तक सर्वश्रेष्ठ विद्यालय व चैम्पियनशीप से सम्मानित किया जा चूका हे । सामाजिक सरोकारों में विद्यालय प्रतिवर्ष दिव्यांग बच्चों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मानता है वह उन्हें उपहार देता है, वहीं गुरु नानक जयंती की खुशियां समाज के सर्वहारा वर्ग के साथ बाँटता है व उनको जरूर की चीज वह मिठाई बाँटता है। वर्तमान सत्र 2025-26 में एकेडमी में NCC का संचालन प्रारंभ हुआ। विद्यालय में अब तक लगभग 25000 विद्यार्थियों ने अक्षर ज्ञान व शिक्षा प्राप्त कर विभिन्न सामाजिक, प्रशासकीय क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल कर विद्यालय व शहर का नाम गौरवान्वित किया है।
6000 विद्यार्थी परिवार में अटूट विश्वास
श्री गुरु तेग बहादुर शैक्षणिक विकास समिति द्वारा सन् 1981 में प्रारंभ हुई संस्था के 3 विद्यालयो में वर्तमान में लगभग 6000 विद्यार्थियों के परिवारों के अटूट विश्वास के साथ विगत 45 वर्षों से निरंतर कार्यरत है। श्री गुरु तेग बहादुर एकेडमी रजत जयंती वर्ष मनाते हुए समाज व शहर को धन्यवाद प्रेषित करती है और आपके विश्वास को बनाएं रखने हेतु दृढ संकल्पित है।
यह सभी कृत संकल्पित

पत्रकार वार्ता में मौजूद समिति सदस्य
समिति में उपाध्यक्ष-सरदार हरजीत सिंह चावला, सचिव-सरदार अजीत सिंह छाबड़ा, कोषाध्यक्ष-सरदार देवेन्द्र सिंह वाधवा, सहसचिव-सरदार हरजीत सिंह सलूजा, सरदार सतपाल सिंह डंग, खेल प्रभारी-सरदार सुरेन्द्र सिंह भामरा, सरदार धर्मेन्द्र सिंह गुरुदत्ता, सरदार गगनदीप सिंह डंग, सरदार गुरविन्दरजीत सिंह खालसा व अन्य युवा सदस्यों के उत्साह से आने वाले वर्षों में शैक्षणिक व खेल योजनाओं को प्रारंभ करने के लिए कृत संकल्पित है ।
Hemant Bhatt