पहल : मध्य प्रदेश में PMUMS कर्मचारी कल्याण कोष की ऐतिहासिक पहल

शिक्षक समाज द्वारा किया गया यह सामूहिक प्रयास प्रदेश में सहयोग, संवेदना और सेवा की एक बड़ी मिसाल बनकर उभरा है।

पहल : मध्य प्रदेश में PMUMS कर्मचारी कल्याण कोष की ऐतिहासिक पहल

शिक्षक समाज की एकजुटता, संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल

⚫ दिवंगत शिक्षक के परिजन को 32 लाख रुपये की आर्थिक सहायता

हरमुद्दा
रतलाम, 13 दिसंबर। मध्य प्रदेश के शिक्षकों द्वारा संचालित PMUMS कर्मचारी कल्याण कोष ने एक उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए दमोह जिले के दिवंगत शिक्षक दिलीप लोधी के परिवार को 32 लाख रुपए की ऐतिहासिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। यह पहली बार है, जब राज्य के शिक्षकों के सामूहिक सहयोग से इतनी बड़ी राशि किसी दिवंगत शिक्षक के परिजन तक पहुँचाई गई है।

जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 55 जिलों एवं 313 विकासखंडों में पदस्थ शिक्षकों ने 100-100 रुपए सहयोग कर यह राशि संकलित की। सहयोग की प्रक्रिया अब भी जारी है। 

शिक्षक समाज की एकजुटता, संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल

योजना से जुड़े रतलाम जिला प्रभारी स्वतंत्र श्रोत्रिय का कहना है कि यह सहायता केवल एक आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि शिक्षक समाज की एकजुटता, संवेदनशीलता और मानवता की मिसाल है। रतलाम जिला अध्यक्ष नरेंद्र टांक, आलोट के असलम असगानी लखन गरवाल, रावटी के मुकेश राठौर दशरथ देवड़ा बाज़ना के विशाल पांडे, प्रभात शर्मा, सैलाना के हेमंत राठौर, पिपलौदा के मनोहर सिंह मुजाल्दे, जावरा के परशुराम पाटीदार, सौरभ गुप्ता, रतलाम शहर से संदीप सिंह सोलंकी, दिलीप करमैंया, रतलाम ग्रामीण से कमलेश भूरिया इस योजना में अधिक से अधिक शिक्षकों को शामिल कर सहयोग के लिए प्रेरित कर रहे है।

 महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

PMUMS योजना का निर्माण संस्थापक सतीश खरे, सह-संस्थापक बृजेश असाटी, प्रांत अध्यक्षमुरली मनोहर अरजरिया के मार्गदर्शन में किया गया l साथ ही प्रांतीय टीम प्रांत संयोजक पवन खरे, प्रांत महामंत्री विनोद राठौर, प्रांत महासचिव मुकेश नेमा, प्रांतीय प्रवक्ता रमाशंकर तिवारी, प्रांतीय सचिव प्रमिला सगरे, आईटी सेल प्रभारी राजेश गुप्ता एवं सह प्रभारी ह्रदेश श्रीवास्तव।
इनके साथ प्रदेश के सभी 55 जिलों की टीमों ने इस योजना को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सहयोग प्रक्रिया कैसे होती है?

योजना से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि पंजीकृत शिक्षक के निधन की सूचना मिलते ही नॉमिनी खाते का सत्यापन किया जाता है। इसके बाद प्रदेश से लेकर विकासखंड स्तर तक सूचना भेजी जाती है और PMUMS पोर्टल पर सहयोग लिंक जारी की जाती है।

पारदर्शी और त्वरित प्रक्रिया ही इसकी सबसे बड़ी ताकत

सभी जिलों के शिक्षक ऑनलाइन 100-100 रुपए सहयोग करते हैं, जिससे बड़ी राशि शीघ्र ही परिवार के खाते में पहुँच जाती है। योजना की पारदर्शी और त्वरित प्रक्रिया ही इसकी सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है। तेजी से बढ़ रहा है संगठन-योजना से पिछले तीन महीनों में 60,000 से अधिक शिक्षक जुड़ चुके हैं और यह नेटवर्क अब प्रदेश के हर जिले तक फैल चुका है। PMUMS का कहना है कि आने वाले समय में यह योजना कई परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच साबित होगी।

सेवा की एक बड़ी मिसाल बनकर उभरा

शिक्षक समाज द्वारा किया गया यह सामूहिक प्रयास प्रदेश में सहयोग, संवेदना और सेवा की एक बड़ी मिसाल बनकर उभरा है।