सेहत सरोकार : जिले के पौने दो लाख से अधिक बच्चों की जांची जाएगी सेहत

सेहत सरोकार : जिले के पौने दो लाख से अधिक बच्चों की जांची जाएगी सेहत

पत्रकारों से चर्चा में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर संध्या बेलसरे ने बताया

⚫ दस्तक अभियान सह स्टॉप डायरिया कैंपेन की शुरुआत 22 जुलाई से 

⚫ 16 सितंबर तक चलेगा अभियान

⚫ शिशु मृत्यु दर में आई है कमी

हरमुद्दा
रतलाम, 21 जुलाई। जिले में जन्म से 5 वर्ष की उम्र के पौने दो लाख से अधिक बच्चों की सेहत जांचने का अभियान 22 जुलाई से शुरू होगा। जब तक अभियान के तहत बच्चों की सेहत के अलावा उनके पोषण पर भी ध्यान दिया जाएगा यह अभियान 16 सितंबर तक जिले में निरंतर चलता रहेगा। 

यह बात मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर संध्या बेलसरे ने कही। जिला चिकित्सालय में पत्रकारों से चर्चा में डॉक्टर बेलसर ने बताया कि जिले में दस्तक अभियान का स्टॉप डायरिया कैंपेन के दौरान जिले में जन्म से 5 वर्ष आयु समूह के 1 लाख 76 हजार 703 बच्चों को सेहत जांची जाएगी। पत्रकार वार्ता में जिला चिकित्सालय की जनसंपर्क अधिकारी आशीष चौरसिया, डॉ. गौरव बोरीवाल सहित अन्य मौजूद थे। डॉक्टर बेलसर ने बताया कि शिशु मृत्यु दर में कमी आई है पहले 1000 पर 67 शिशुओं की मौत हो जाती थी, अब 51 तक आ गए हैं।

⚫ आलोट ब्लॉक के 26590, 

⚫ जावरा ब्लॉक के 29518।

⚫ बाजना ब्लॉक के 19972।

⚫ सैलाना ब्लॉक के 16389।

⚫ पिपलोदा ब्लॉक के 16803।

⚫ रतलाम ब्लॉक के 67431।

दल देगा गांव गांव दस्तक
 
अभियान के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और एएनएम का दल, क्षेत्र के बच्चों को बुलाकर आंगनबाड़ी केंद्र एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर उनका परीक्षण करते हुए परामर्श एवं उपचार सेवाएं प्रदान करेंगे। 

यह रहेगी गतिविधियां

उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष दस्तक अभियान का आयोजन दो चरणों में किया जाता है। 22 जुलाई से 16 सितंबर तक प्रथम चरण का आयोजन किया जा रहा है। दस्‍‍तक अभियान प्रथम चरण मुख्‍य गतिविधियां इस प्रकार हैं। 

समुदाय में अभियान के दौरान बीमार नवजातों एवं बच्‍चो की पहचान, प्रबंधन, उपचार एवं रेफरल।  बच्चों में कुपोषण की जांच एवं चिह्नित गंभीर कुपोषित एवं बीमार बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में रेफर किया जाएगा।  6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों में खून की कमी की जांच एवं गंभीर खून की कमी वाले बच्चों को उपचार के लिए रेफर किया जाएगा। बच्चों में निमोनिया एवं दस्त रोग की पहचान कर चिह्नित गंभीर बच्चों का प्रबंधन किया जाएगा।

जन्मजात विकृतियों पहचान एवं अन्य बीमारी की होगी जांच

बच्चों में जन्मजात विकृति की पहचान एवं अन्य बीमारियों जांच एवं उचित प्रबंधन किया जाएगा ।  9 माह से 5 वर्ष के समस्त बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाएंगे। स्तनपान एवं उचित आहार संबंधी सलाह दी जाएगी।  

दस्त रोग पखवाड़ा भी चलेगा

कार्यक्रम के दौरान ही दस्‍त रोग निययंत्रण पखवाड़े के साथ  ओ आर एस पैकेट का वितरण, ओआरएस जिंक की गोली एवं हाथ धुलाई संबंधी सलाह दी जाएगी। जन्म के समय कम  वजन के शिशुओं एवं कम वजन के बच्चों की उचित देखभाल संबंधी सलाह दी जाएगी।एसएनसीयू एवं एनआरसी से छुटटी प्राप्‍त बच्‍चों में बीमारी की स्‍क्रीनिंग तथा फालोअप को प्रोत्‍साहन दिया जाएगा।

ली जाएगी बाल मृत्यु दर की जानकारी

डॉ. बेलसरे ने बताया कि टीकाकरण की जानकारी लेकर छुटे बच्‍चों का टीकाकरण किया जाएगा। विगत छ: माह में हुई बाल मृत्‍यु की जानकारी ली जाएगी। दस्‍तक अभियान की गतिविधि के अंतिम दिवस पर छूटे हुए बच्‍चों को कवरेज करने के लिए गतिविधियों की जाएगी।

मैदानी कार्यकर्ताओं को दे दिया गया प्रशिक्षण

कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर एवं विकासखंड स्तरों पर सभी मैदानी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। अंतर विभागीय समन्वय हेतु कलेक्टर के मार्गदर्शन में बैठक का आयोजन कर कार्यक्रम के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की गई है। सभी अन्य विभागों को कार्यक्रम के संबंध में विधिवत दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं।