विचार सरोकार : पुतिन की भारत यात्रा और भारत का ऊंचा होता कद 

नई अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में भारत रशिया का मिलना  मील का पत्थर साबित होगा। चीन, रूस और भारत की ताकत का एक नया गठबंधन शुरू हो सकता है।चीन को रशिया ने भारत के लिए संतुलन की नीति अपनाने की सलाह दी है।

विचार सरोकार : पुतिन की भारत यात्रा और भारत का ऊंचा होता कद 

विचार सरोकार : पुतिन की भारत यात्रा और भारत का ऊंचा होता कद 

डॉ. प्रदीपसिंह राव, (विदेश नीति विशेषज्ञ)

एक ऐतिहासिक प्रसंग में रशिया के राष्ट्रपति पुतिन भारत आए हैं।रशिया भारत के बीच अभी 70अरब का ट्रेड समझौता है। जिसमें  42%तो सिर्फ क्रूड का ही है,मात्र 18%अन्य सामग्रियों का समझौता है। भारत ने आपदा में अवसर ढूंढा है। अमेरिका ने प्रतिबंध लगाए इसलिए रशिया चीन सहित अनेक देशों से  हमारे सम्बन्धों का  नवीनीकरण हुआ है। (75वर्ष पुरानी है रूस भारत मित्रता)भारत रूस  75वर्ष पुराने साथी हैं।

हर संकट में सच्चा साथ देने वाले इस देश का भारत आगमन वैश्विक घटना है। भारत की रक्षा प्रणाली और मजबूत होगी। ब्रह्मोस्त्र से भी आगे डील होगी। डॉलर की प्रभुता का विकल्प देखा जाएगा समूचे दक्षिण एशिया,  विशेष रूप से  पाकिस्तान के लिए यह सहम जाने की स्थिति है।(सबसे बड़ा प्रतिनिधि मंडल)अब तक के इतिहास में पुतिन सबसे बड़ा प्रतिनिधि मंडल ले कर आए हैं  उनके साथ आधा मंत्री मंडल है। अब इतने ही व्यापक  व्यापारिक ,सामरिक समझौते  किए जायेंगे।एक पुराना दोस्त देश एक पुराने मित्र देश के घर मिलने आया है।

नई अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में भारत रशिया का मिलना  मील का पत्थर साबित होगा। चीन, रूस और भारत की ताकत का एक नया गठबंधन शुरू हो सकता है।चीन को रशिया ने भारत के लिए संतुलन की नीति अपनाने की सलाह दी है। (मोदी की दृढ़ता के मुरीद है पुतिन)मोदी  के  लिए पुतिन  बोल चुके हैं कि वो विश्व के बेहद मजबूत नेता हैं जो किसी के  सामने झुकने वाले नहीं हैं।रशिया और रूस के बीच व्यापार घाटे पर चर्चा होगी।दोनो देशों के बीच साझा उद्योग और निर्माण के समझौते होंगे।

अमेरिका का नज़रिया बहुत जल्दी बदलने वाला है।क्यों कि वैश्विक बदलाव के समय में शक्ति संतुलन की नई कूट नीति में भारत का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है।दुनिया की नजर भारत पर लगी हुई है,,,।  (पुतिन की  नायब उदारता )मोदी के साथ  उनकी ही कार में बैठ कर विश्वास करना और उनके घर पर रात का भोज करना,प्रोटोकॉल तोड़ कर  अभूतपूर्व कूटनीति का परिचय है।एक बिंदास राष्ट्रपति का भारत आगमन नए वैश्विक संतुलन की घटना है।