फैसला : आत्महत्या के लिए विवश करने वाले को 7 वर्ष का कारावास

फैसला : आत्महत्या के लिए विवश करने वाले को 7 वर्ष का कारावास

सरपंच के चुनाव की रंजिश में किया प्रताड़ित

⚫ आत्महत्या के लिए किया विवश

हरमुद्दा
रतलाम, 12 दिसंबर। सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र ने सरपंच चुनाव में प्रताड़ित कर आत्महत्या के विवश करने वाले आरोपी को 7 वर्ष के कठोर कारावास और ₹5000/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया। प्रकरण में मध्यप्रदेश राज्य की ओर से पैरवी लोक अभियोजक अलंकार वशिष्ठ ने की।

लोक अभियोजक अलंकार वशिष्ठ ने हरमुद्दा को बताया कि मृतक राधेश्याम को सरपंच के चुनाव की रंजिश के कारण आरोपीगण गिर्राज पिता माधौसिंह यादव, दामोदर पिता गिर्राज यादव और सोमप्रकाश पिता गिर्राज यादव निवासीगण ग्राम मुरादपुर थाना बमौरी लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। दामोदर उसके मोहल्ले में राधेश्याम को आने जाने नहीं देता था।

राधेश्याम को आए थे मारने

एक बार पूर्व में भी मृतक राधेश्याम को मारने के लिए आये थे तब परिवार वालों ने राधेश्याम को बचा लिया था। दिनांक 1 नवम्बर 23 को को मृतक राधेश्याम की आरोपी दामोदर से कहा सुनी हुई थी तब सभी आरोपीगण ने राधेश्याम को जान से मारने की धमकी दी थी।

आत्महत्या के पहले किया वीडियो जारी

अगले दिन 2 नवम्बर को राधेश्याम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया जिसमें उसने स्वयं की मृत्यु के लिए आरोपी दामोदार को उत्तरदायी बताया था। राधेश्याम ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। राधेश्याम के चचेरे भाई चंद्रमोहन यादव को पता चलने पर वह घरवालों के साथ राधेश्याम को देखने जिला चिकित्सालय गुना आया था, जहरीला पदार्थ खाने के कारण राधेश्याम की मृत्यु हो गई।

रिपोर्ट में लिखाए तीनों आरोपियों के नाम

यह बातें चंद्रमोहन ने जिला चिकित्सालय में रिपोर्ट लिखाते समय पुलिस को बताईं। चंद्रमोहन ने तीनों आरोपी को राधेश्याम की मृत्यु के लिए उत्तरदायी बताते हुए रिपोर्ट लिखाई थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच की और साक्षियों के कथन लेकर, आरोपीगण को गिरफ्तार कर विवेचना पूर्ण कर आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में अभियाेग पत्र प्रस्तुत किया।

और हार गया था दामोदर

राधेश्याम और उसके माता पिता ने सरपंच के चुनाव में आरोपी दामोदर को वोट नहीं दिया था और उस चुनाव में दामोदर हार गया था। दामोदर राधेश्याम को जान से मारने की धमकी देता था। कइस बात की शिकायत राधेश्याम ने पुलिस चौकी झागर में भी की थी। 1 नवम्बर की रात्रि 9 बजे आरोपियों ने राधेश्याम के साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी थी। फेसबुक पर डाले वीडियो में राधेश्याम हाथ में जहर की डिब्बी लिए हुए दामोदर को स्वयं की मृत्यु का उत्तरदायी बता रहा था। न्यायालय ने समस्त साक्षियों के कथन, सम्पूर्ण साक्ष्य और अभियोजन पक्ष तथा बचाव पक्ष के समस्त तर्कों को सुनने के पश्चात् आरोपी दामोदर को मृतक की मृत्यु के लिए दोषी ठहराते हुए भा.द. विधि की धारा 306 में 7 वर्ष के सश्रम कारावास और -₹5000/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया।