फैसला : पति को मौत के घाट उतारने वाली पत्नी और भाई को सजा
⚫ मामला अप्रैल 2024 का
⚫ पत्नी बनी थी फरियादी
हरमुद्दा
रतलाम, 12 दिसंबर। ग्राम हरथल निवासी छोटू गरवाल की हत्या के आरोप में पत्नी रेखा तथा छोटे भाई राहुल गरवाल को छोटू की हत्या में दोषी पाए जाने पर अष्टम जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने आजीवन कारावास एवं ₹3000 -3000 के अर्थ दंड से दंडित किया गया।

अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान
अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने हरमुद्दा को बताया कि आरोपियां रेखा गरवाल द्वारा 30 अप्रैल 24 को थाना रावटी में यह रिपोर्ट लेख कराई थी कि वह ग्राम हरथल में पति छोटू गरवाल एवं देवर सोहन के साथ मिडिल स्कूल के सामने रहती है। 29 अप्रैल 2024 की रात्रि 11 बजे मिडिल स्कूल के सामने वह तथा उसका लड़का एक पलंग पर और उसका पति छोटू एवं पुत्री अलग-अलग पलंग पर सोए थे। उसका देवर सोहन पास के स्कूल के ओटले पर सोया था।
पति के सिरहाने खड़ा था कोई कुल्हाड़ी लेकर
रात्रि करीब 12:05 बजे अचानक कुछ आवाज होने पर उठकर देखा तो कोई अज्ञात व्यक्ति हाथ में कुल्हाड़ी लिए हुए उसके पति के सिरहाने तरफ खड़ा था जो उसे देखकर वहां से भाग गया उसने अपने पति को हिला कर देखा तो पति कुछ बोल नहीं रहा था, तब देवर सोहन को उठाकर घटना बताई।
वाहन से लेकर गए अस्पताल
मृतक छोटू को प्राइवेट वाहन से सरकारी अस्पताल रावटी ले गए जहां डॉक्टर के द्वारा उसके पति को मृत होना बताया था। रेखा ने यह भी बताया था कि उसके पति छोटू गरवाल को किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा जान से मारने की नीयत से सिर में कुल्हाड़ी मार दी जिससे उसके पति की मृत्यु हो गई है।
पत्नी की रिपोर्ट पर प्रकरण किया दर्ज
रेखा गरवाल की रिपोर्ट पर थाना रोटी में धारा 302 भादवी का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया मर्ग जांच के दौरान फरियादिया रेखा गरवाल के मोबाइल की कैफ डिटेल एवं सीडीआर प्राप्त करने पर यह पाया कि मृतक छोटू के पत्नी रेखा जिस मोबाइल पर लगातार बातचीत करती थी। वह मोबाइल नंबर मृतक के भाई अभियुक्त राहुल के नाम पर होना पाया गया।
रेखा और राहुल की होती रहती थी बातचीत
घटना दिनांक एवं समय पर भी मोबाइल नंबरों से आपस में बातचीत होना पाई गई। सीडीआर के आधार पर अभियुक्त राहुल से पूछताछ करने पर यह पाया कि अभियुक्त राहुल तथा मृतक छोटू की पत्नी अभियुक्त रेखा का प्रेम संबंध होकर उक्त संबंध का मृतक को पता चल गया था। मृतक छोटू के द्वारा रेखा से विवाद कर रेखा का मोबाइल तोड़कर फेंक दिया, जिस पर अभियुक्त राहुल द्वारा रेखा को नया कीपैड मोबाइल सिम लगा कर दिया गया। रेखा गरवाल के मोबाइल नंबर से राहुल गरवाल के मोबाइल नंबर पर बात होती रहती थी। घटना के कुछ दिन पूर्व राहुल गरवाल को रेखा गरवाल ने फोन पर बोला कि उसके पति छोटू राहुल को मार देगा वह गुप्ती लेकर घूम रहा है।
पत्नी ने बनाई हत्या की योजना देवर के साथ
इस रंजीश के चलते अभियुक्त रेखा द्वारा अभियुक्त राहुल के साथ मिलकर मृतक छोटू की मृत्यु करने की योजना बनाकर 29 अप्रैल 2024 को रेखा गरवाल ने राहुल से मोबाइल पर लगातार बात की एवं रेखा ने राहुल से कहा कि वह रात को मिडिल स्कूल के पास आ जाए और मौका देखकर छोटू को जान से खत्म कर दे। तभी रात 10 से 11 बजे के मध्य रेखा ने राहुल को मोबाइल पर बताया की छोटू घर आ गया है और खाना खाकर सो गया है, तब अभियुक्त राहुल रावटी से कुल्हाड़ी लेकर पैदल-पैदल नहर के रास्ते होते हुए मिडिल स्कूल पर आया एवं अभियुक्त राहुल द्वारा मृतक छोटू के सिर में कुल्हाड़ी से चोट पहुंचाकर उसकी हत्या की गई थी।
राहुल के कब्जे से मिले कुल्हाड़ी
अभियुक्त राहुल से जप्तशुदा कुल्हाड़ी तथा घटना के समय उसके पहने हुए कपड़ों पर मानव रक्त पाए जाने पर डीएनए परीक्षण कराया गया जहां पर डीएनए रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त राहुल के कपड़ों पर मृतक छोटू का रक्त था। रावटी पुलिस द्वारा अभियुक्त रेखा एवं राहुल के विरुद्ध धारा 302 भादवि का अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था जिसका विचारण अष्टम जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया के न्यायालय में किया गया, जहां पर न्यायालय द्वारा अभियोजन की साक्ष्य एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी रेखा तथा राहुल को मृतक छोटू की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं दोनों को पृथक-पृथक 3000 तीन हजार रुपए के अर्थ दंड से दंडित किया गया। अभियोजन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान द्वारा की गई।
Hemant Bhatt