रतलाम में सनसनीखेज हत्याकांड का 48 घंटे में खुलासा, दोस्त ही निकले कातिल
अंधी हत्या के इस पेचीदा मामले को चंद घंटों में सुलझाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने पर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार व उनकी टीम की त्वरित कार्रवाई और कार्यकुशलता की आमजन में काफी सराहना की जा रही है।
⚫ सौरभ वर्मा और 3 नाबालिग पुलिस हिरासत में
⚫ पार्टी के विवाद में रची गई खौफनाक साजिश
⚫ मृतक पर हत्या के दो आरोप
हरमुद्दा
रतलाम, 8 नवंबर। शहर के थाना दीनदयाल नगर क्षेत्र में बीते 6 नवंबर को मिले अज्ञात शव के अंधे कत्ल की गुत्थी को रतलाम पुलिस ने महज 48 घंटों के भीतर सुलझाते हुए त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की मिसाल पेश की है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के सख्त निर्देशों और कुशल मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने हत्या के इस सनसनीखेज मामले में शामिल मुख्य आरोपी सौरभ वर्मा सहित 3 विधि विरुद्ध बालकों (नाबालिगों) को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है।

पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हो पुलिस अधीक्षक
पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि दीनदयाल नगर निवासी मृतक रितेश पिता शंभू मईड़ा 5 नवंबर की रात स्टेशन रोड क्षेत्र में आयोजित एक जन्मदिन की पार्टी में शामिल हुआ था। पार्टी के दौरान ही रितेश का सौरभ वर्मा और उसके साथियों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था।

रंजिश रखते हुए आरोपियों ने रितेश को रास्ते से हटाने की साजिश रची। वे उसे शराब पिलाने का झांसा देकर विरियाखेड़ी स्थित ईंट भट्टे पर ले गए, जहाँ फिर से कहासुनी हुई। इसके बाद आरोपियों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए चाकू से रितेश के गले, पेट और पीठ पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी नृशंस हत्या कर दी।

शव को ठिकाने लगाने डिक्की में घूमा, सुनसान जगह फेंका
हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से आरोपियों ने एक चार पहिया वाहन बुलवाया और शव को कार की डिक्की में रख लिया। वे काफी देर तक शव को ठिकाने लगाने के लिए अलग-अलग इलाकों में घूमते रहे और अंततः झामण क्षेत्र के एक सुनसान स्थान पर झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए।

एसपी अमित कुमार के निर्देशन में FSL और पुलिस टीम का त्वरित एक्शन
6 नवंबर: 06 नवंबर की शाम करीब 5 बजे पुलिस को अज्ञात शव मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर FSL टीम ने मौके पर पहुँचकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।

मृतक रितेश मईड़ा
शव की पहचान व पीएम: मृतक की पहचान रितेश मईड़ा के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से हुए कई वारों के कारण मृत्यु की पुष्टि होने पर तत्काल हत्या का मामला दर्ज किया गया।
सघन पूछताछ व गिरफ्तारी: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विवेक कुमार लाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) राकेश पन्द्रो के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में थाना प्रभारी अनुराग यादव और उनकी टीम ने संदिग्धों की धरपकड़ शुरू की।

8 नवंबर: अपने घरों से फरार संदिग्धों को ट्रेस करते हुए पुलिस ने 8 नवंबर को मुख्य आरोपी सौरभ वर्मा और 3 नाबालिगों को हिरासत में ले लिया।
पुलिस की मुस्तैदी की हो रही सराहना
आरोपियों से घटना में इस्तेमाल हथियार (चाकू) और शव परिवहन में प्रयुक्त चार पहिया वाहन की जब्ती व अन्य साक्ष्यों को लेकर पूछताछ जारी है। अंधी हत्या के इस पेचीदा मामले को चंद घंटों में सुलझाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने पर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार व उनकी टीम की त्वरित कार्रवाई और कार्यकुशलता की आमजन में काफी सराहना की जा रही है।
सराहनीय भूमिका
उक्त कार्रवाई में नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घंघोरिया, थाना प्रभारी दीनदयाल नगर उप निरीक्षक अनुराग यादव, उप निरीक्षक राजेंद्र चौहान, सहायक उप निरीक्षक बसील गनावा, प्रधान आरक्षक सुरेंद्र, आरक्षक संदीप कुमावत, आरक्षक दीपक सिंह एवं आरक्षक राजू गरवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
Hemant Bhatt