साहित्य सृजन : अपवाद से परे ! अपवाद विहीन भाषा है हिन्दी

अपवाद से परे! अपवाद विहीन भाषा है हिन्दी। सच्चाई से बोलूं तो- विश्व भाषा कहलवाने की अधिकारी है हिन्दी।।

साहित्य सृजन : अपवाद से परे ! अपवाद विहीन भाषा है हिन्दी

मंजुला पाण्डेय

प्राचीन स्वर्णिम इतिहास की , प्रबुद्ध भाषा है हिन्दी।
भाषाओं में भाषा उत्कृष्ट,विश्व विशिष्ट भाषा है हिन्दी।।

सरल,सहज, सरस लचिली भाषा है हिन्दी।
सरल नेह की खूबसूरत परिभाषा  है हिन्दी।।

सहज भाव अभ्यांतर अभिव्यक्ति का माध्यम है हिन्दी।
निष्छल स्निग्धता के तार ह्रदयों से जोड़ती हिन्दी।।

स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की वाहक है हिन्दी।
देश प्रेम का अनूठा अमूर्त प्रमाण है हिन्दी।।

बापू का सपना! दयानंद का आंदोलन है हिन्दी।
उत्तर-दक्षिण के भेद-भाव से कोसों दूर धर्म-संस्कृति का प्रचार है हिन्दी।।

निरंकुशता के प्रतिकार से उपजा,सफल हथियार है हिन्दी।
अंग्रेजी शासन का मुंहतोड़,ज़बाब है हिन्दी।।

सभी भाषाओं की समरसता का सार है हिन्दी।
नहीं सहारे किसी भाषा के,खड़ी आज बाजार है हिन्दी।।

अपवाद से परे! अपवाद विहीन भाषा है हिन्दी।
सच्चाई से बोलूं तो,विश्व भाषा कहलवाने की अधिकारी हैं हिन्दी।।

मंजुला पाण्डेय, उत्तराखंड