सांदीपनि विद्यालय में फैली अव्यवस्थाएं: कलेक्टर के औचक निरीक्षण ने खोली पोल
सरकारी दावों से इतर विद्यालय परिसर और छात्र-छात्राओं के शौचालयों में साफ-सफाई की स्थिति बेहद दयनीय पाई गई। मूलभूत सुविधाओं की इस बदहाली पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने आउटसोर्स सफाई एजेंसी पर अर्थदंड लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं। पेयजल यूनिट और शौचालयों के रखरखाव में बरती जा रही लापरवाही यह बताने के लिए काफी है कि जिम्मेदार अधिकारी बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर कितने बेपरवाह हैं।
⚫ अनुपस्थित प्राचार्य पर गिरेगी गाज
⚫ अनुपस्थित पाए गए अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस
⚫ गंदगी और बदहाली का आलम, सफाई एजेंसी पर लगेगा अर्थदंड
हरमुद्दा
शाजापुर, 4 अगस्त। जिला मुख्यालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल शासकीय सांदीपनि विद्यालय में शैक्षणिक व प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। मंगलवार को कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना द्वारा किए गए औचक निरीक्षण ने विद्यालय के दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दीं। जिम्मेदार अधिकारियों और शिक्षकों की बेपरवाही का आलम यह रहा कि निरीक्षण के दौरान खुद संस्था की प्राचार्य ही नदारद पाई गईं, वहीं कई शिक्षक भी अपनी ड्यूटी से गायब मिले।

बच्चों के भविष्य और शासन की मंशा के साथ खिलवाड़ करने वाले इस रवैये पर सख्त रुख अपनाते हुए कलेक्टर ने गैरहाजिर प्राचार्य के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए हैं। इसके साथ ही अनुपस्थित पाए गए अन्य शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनकी एक-एक वार्षिक वेतनवृद्धि रोकने के कड़े आदेश जारी किए गए हैं।
गंदगी और बदहाली का आलम, सफाई एजेंसी पर लगेगा अर्थदंड
सरकारी दावों से इतर विद्यालय परिसर और छात्र-छात्राओं के शौचालयों में साफ-सफाई की स्थिति बेहद दयनीय पाई गई। मूलभूत सुविधाओं की इस बदहाली पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने आउटसोर्स सफाई एजेंसी पर अर्थदंड लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं। पेयजल यूनिट और शौचालयों के रखरखाव में बरती जा रही लापरवाही यह बताने के लिए काफी है कि जिम्मेदार अधिकारी बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर कितने बेपरवाह हैं।
निरीक्षण में उजागर हुईं कई खामियां, DEO को दिए कड़े निर्देश
औचक निरीक्षण के दौरान कक्षाओं के संचालन से लेकर गृहकार्य की जांच तक में बड़ी कमियां पाई गईं।
डीईओ को दिए निर्देश
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर बाफना ने जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री दीपा कीर को निर्देश दिए कि सभी कक्षाओं का व्यवस्थित टाइम-टेबल बनाकर संचालन सुनिश्चित कराया जाए।
⚫ शिक्षक नियमित रूप से बच्चों के गृहकार्य (होमवर्क) की कॉपियां जांचें।
⚫ बच्चों के लिए फर्नीचर की कमी को दूर किया जाए और सभी को तत्काल पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं।
⚫ संगीत व नृत्य की कक्षाओं का नियमित संचालन हो।
⚫ व्यवस्थाओं में सुधार के लिए जिला शिक्षा अधिकारी स्वयं सप्ताह में 03 दिन विद्यालय का निरीक्षण करें।
कलेक्टर ने दिया करियर का मार्गदर्शन

कलेक्टर ने 12वीं के विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें करियर के प्रति सजग रहने का मार्गदर्शन दिया और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता भी जांची। हालांकि, एक प्रतिष्ठित शासकीय विद्यालय में प्राचार्य का ही अनुपस्थित होना और मूलभूत सुविधाओं का बेपटरी होना यह सवाल खड़ा करता है कि विभागीय निगरानी के अभाव में बच्चों का भविष्य किस दिशा में जा रहा है।
Hemant Bhatt