रतलाम नगर निगम में भ्रष्टाचार और लापरवाही पर चला चाबुक

रतलाम नगर निगम में भ्रष्टाचार और लापरवाही पर चला चाबुक

शासकीय संपत्ति चुराने वाले कर्मचारी को आयुक्त ने किया बर्खास्त

हरमुद्दा
​रतलाम, 16 सितंबर। रतलाम नगर पालिक निगम में कर्मचारियों की मनमानी और कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है। पांजरा पोल स्थित आश्रय स्थल (रैन बसेरा) में तैनात एक कर्मचारी द्वारा नगर निगम की ही संपत्ति में सेंधमारी करने पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे नौकरी से निकाल दिया गया है।

निगम आयुक्त अनिल भाना ने भ्रष्टाचार और चोरी के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पांजरा पोल आश्रय स्थल में पदस्थ परीवीक्षाधीन भृत्य (प्रोबेशनरी प्यून) राजू-रतन को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

​बिना सूचना गायब रहने और अमानत में खयानत का मामला

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी कर्मचारी राजू-रतन लंबे समय से अपने काम के प्रति गंभीर नहीं था। वह बिना किसी पूर्व सूचना के अपने कर्तव्य स्थल से गायब रहता था। इस कार्यप्रणाली को लेकर निगम प्रशासन द्वारा उसे समय-समय पर नोटिस और सूचना-पत्र जारी कर सुधार की ताकीद की जाती रही, लेकिन कर्मचारी के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया।

अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर दिया चोरी को अंजाम

लापरवाही की हद तब पार हो गई जब इस कर्मचारी ने एक अन्य बाहरी व्यक्ति के साथ सांठगांठ कर पांजरा पोल स्थित आश्रय स्थल से शासकीय संपत्ति की चोरी कर ली। मामला संज्ञान में आते ही निगम प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए राजू-रतन को निलंबित कर जांच के आदेश दिए थे।

​जांच में सिद्ध हुआ दोष, आयुक्त ने लिया कड़ा फैसला

विभागीय जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हो गया कि निलंबित भृत्य ने अमानत में खयानत की है और निकाय की शासकीय संपत्ति चुराने का दोषी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आयुक्त अनिल भाना ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्ति की चोरी और पद का दुरुपयोग किसी भी सूरत में बर्दाश्त या माफ करने योग्य नहीं है। इसके बाद कर्मचारी को सेवामुक्त करने का कड़ा फरमान जारी कर दिया गया।

लापरवाहों में मचा हड़कंप

नगर निगम की इस सख्त कार्रवाई से लापरवाह और गैर-जिम्मेदार कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। आयुक्त के इस फैसले की शहर में सराहना हो रही है, जिससे यह संदेश साफ गया है कि निगम की संपत्ति में गड़बड़ी या काम में ढिलाई बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।