फैसला : गंभीर चोट पहुंचाने के आरोपी चेतन को 3 साल की सजा
⚫ नटवर उर्फ सगीर तथा सादिक उर्फ चूहा फरार
⚫ मामला जून 2018 का
हरमुद्दा
रतलाम, 27 नवंबर। अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने आरोपी चेतन परमार को धारा 307 भादवि के स्थान पर धारा 326 भादवि में दोषी पाया। उसे 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹3000 के अर्थ दंड से दंडित किया। प्रकरण में दो आरोपी फरार हैं। अभियोजन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान द्वारा की गई।

अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान
अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने हरमुद्दा को बताया कि फरियादी द्वारा 3 जून 2018 को यह रिपोर्ट लिखाई थी कि उक्त दिनांक को रात्रि करीब 12:00 बजे वह अपने दोस्त गोलू के साथ धानमंडी में लकी ट्रेडर्स की दुकान के सामने पान की दुकान पर सिगरेट पी रहे थे, वहीं से कुछ दूरी पर उसकी पहचान के धीरज राठौर भैया वहां पर खड़े थे, तभी एक ऑटो से आरोपी सादिक उर्फ चूहा, नटवर उर्फ सगीर तथा चेतन परमार ऑटो से हथियार लेकर उतरे और मां बहन की गालियां देते हुए बोले कि तू बहुत तेज चल रहा है। आज तुझे जान से खत्म कर देते हैं। ऐसा कहकर नटवर उर्फ सगीर ने लोहे की रोड से धीरज राठौर के सिर पर मारना चालू कर दिया और सादिक चूहा एवं चेतन परमार भी धीरज को मारने लगे।
तब तक मारो, जब तक मर ना जाए
कह रहे थे कि इसे तब तक मारो जब तक की यह मर ना जाए इसके पश्चात धीरज को मृत अवस्था में छोड़कर आरोपी ऑटो से भाग गए, फरियादी द्वारा धीरज को सिविल अस्पताल रतलाम में भर्ती कराया गया था, जहां पर उसकी स्थिति खराब होने से अन्य साथी उसे इंदौर ले गए थे जहां उसका इलाज हुआ था।
नटवर उर्फ सगीर तथा सादिक उर्फ चूहा हो गए फरार
फरियादी करण भूरिया की रिपोर्ट पर पुलिस थाना माणक चौक पर आरोपीगण के विरुद्ध धारा 307/34 भादवी का अपराध दर्ज किया गया था। इसका विचारण अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया के न्यायालय में किया गया। विचारण के दौरान अन्य अभियुक्त नटवर उर्फ सगीर तथा सादिक उर्फ चूहा फरार हो चुके हैं इस कारण चेतन के विरुद्ध विचारण पूर्ण किया गया।
चेतन को धारा 307 भादवि के स्थान पर धारा 326 भादवि में माना, दोषी सुनाई सजा
अभियोजन के द्वारा अपने साक्ष्य न्यायालय की समक्ष रखे, जिस पर न्यायालय द्वारा भरोसा करते हुए आरोपी चेतन परमार को धीरज राठौर को गंभीर उपाधि पहुंचने का दोषी पाया। अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने आरोपी चेतन परमार को धारा 307 भादवि के स्थान पर धारा 326 भादवि में दोषी पाया। उसको 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹3000 के अर्थ दंड से दंडित किया। अभियोजन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान द्वारा की गई।
Hemant Bhatt