रतलाम में सरस्वती पूजन के दौरान भी अधिकारी ने पहने रखे जूते
⚫ अतिथि एडीएम में जूते उतारे, फिर भी नहीं सीखा
⚫ रतलाम में 'आपदा मित्र' प्रशिक्षण के शुभारंभ पर मर्यादा तार-तार
हरमुद्दा
रतलाम, 15 सितंबर। मध्यप्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (गृह विभाग) के निर्देशानुसार मंगलवार को होमगार्ड लाइन रतलाम में सात दिवसीय 'आपदा मित्र' प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत अपर कलेक्टर बृजेन्द्र रावत एवं डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट (होमगार्ड/एसडीआरएफ) रोशनी बिलवाल द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई। हालांकि, इस धार्मिक व सांस्कृतिक परंपरा के दौरान प्रशासनिक मर्यादाओं की अनदेखी का एक गंभीर मामला सामने आया।

दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के दौरान जहां मुख्य अतिथि (अपर कलेक्टर) ने श्रद्धापूर्वक अपने जूते उतारे, वहीं कार्यक्रम की आयोजक अधिकारी (डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट) जूते पहनकर ही पूजा में शामिल हुईं। इस घटनाक्रम का फोटो सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है और अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
नाराजगी को दे दिया जन्म
जनता और समाज में विद्यादायिनी मां सरस्वती के पूजन के समय जूते उतारकर नमन करने की परंपरा है। ऐसे में प्रशासनिक पदों पर बैठे जिम्मेदार अधिकारी द्वारा सार्वजनिक मंच पर निभाई गई इस औपचारिकता ने स्थानीय स्तर पर चर्चा और नाराजगी को जन्म दे दिया है।

सात दिवसीय प्रशिक्षण में 100 आपदा मित्र ले रहे हिस्सा
शुरू हुए इस सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 100 आपदा मित्र सहभागिता कर रहे हैं।
पहला सत्र: डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट रोशनी बिलवाल ने आपदा प्रबंधन के परिचय, आपदाओं के प्रकार और आपदा मित्र की भूमिका पर प्रकाश डाला।
पूर्व तैयारी और चेतावनी: प्लाटून कमांडर ज्योति बघेल ने प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, योजना निर्माण और भूकंप से सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी।
व्यावहारिक प्रदर्शन: सैनिक यश तोमर ने भूकंप के दौरान सावधानियों पर बात की, जबकि सैनिक तुषार भट्ट ने मानव शरीर की संरचना पर सत्र लिया। SDRF टीम ने बचाव तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
अनुशासन पर बड़ा प्रश्न चिह्न
प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन कंपनी कमांडर बद्री मण्डलोई, ज्योति बघेल और जवानों द्वारा किया जा रहा है। हालांकि, प्रशिक्षण का उद्देश्य सराहनीय है, लेकिन शुभारंभ सत्र में हुई इस प्रशासनिक चूक ने पूरे आयोजन के अनुशासन पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
Hemant Bhatt