रतलाम में पारा @44.5 डिग्री सेल्सियस, मालवा का आंगन बना भट्टी
⚫ आसमान से बरस रही आग
⚫ सड़कों पर पसरा सन्नाटा
हरमुद्दा
रतलाम, 25 अप्रैल। मालवा का आंगन इन दिनों भट्टी की तरह तप रहा है। शनिवार को रतलाम में गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाते हुए सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज कराया। दोपहर होते-होते पारा 44.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जिसने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। दोपहर में 'कर्फ्यू' जैसा मंजर नजर आ रहा था। मौसम विभाग में आगामी 48 घंटे में तापमान में और वृद्धि की संभावना व्यक्त की है।

शनिवार को सुबह 9 बजे से ही सूरज की किरणें चुभने लगी थीं। दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच शहर की मुख्य सड़कों दो बत्ती, स्टेशन रोड, न्यू रोड पर सन्नाटा पसरा रहा। सड़कों पर वही लोग नजर आ रहे थे जिनको जाना आना जरूरी था।
हाल कर दिया बेहाल गर्म हवा के थपेड़ों ने
गर्म हवाओं (लू) के थपेड़ों ने राहगीरों का हाल बेहाल कर दिया। दुपहिया वाहन चालक चेहरे और सिर को कपड़े से ढंककर निकलते नजर आए।
कुलर दे रहे गर्म हवा, दुकान के शोकेस हुए गरम
सर्राफा व्यापारी संजय सोनी ने बताया कि दुकान में रखा कांच का शोकेस गर्म हो गया। शनिवार को दोपहर में तो यह आलम रहा की कुलर भी ठंडी हवा देने से परहेज कर रहे थे।
पेय पदार्थों की शरण
शहर के जूस सेंटरों और मटकी के ठंडे पानी की मांग बढ़ गई है। तरबूज और खीरे के ठेलों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है।
अस्पतालों में बढ़े मरीज: जिला अस्पताल में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में 20% का इजाफा हुआ है।
भीषण गर्मी से बचाव के 'अचूक' उपाय
डॉक्टर कैलाश अग्रवाल ने बताया कि इस तपिश में खुद को सुरक्षित रखने के लिए कई बातों का खास ख्याल रखें। प्यास न भी लगे तो भी हर आधे घंटे में पानी पिएं। ओआरएस (ORS), नींबू पानी या घर का बना छाछ सबसे बेहतर है। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय सनग्लासेस, टोपी या छतरी का प्रयोग जरूर करें। दोपहर के वक्त भारी और तैलीय भोजन से बचें। खीरा, ककड़ी और खरबूजा जैसे पानी वाले फल ज्यादा खाएं।
ऐसे में रखे मूक पशु पक्षी का भी ख्याल
समाजसेवी मुकेश सोनी ने कहा कि भीषण गर्मी के दौर में मूक पशु-पक्षियों का ख्याल रखें। अपनी छतों और बालकनी में सकोरे (मिट्टी के बर्तन) में पानी भरकर रखें।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने बताया कि "आगामी 48 घंटों में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय न होने से लू का असर अभी बना रहेगा। बिना जरूरी काम के दोपहर में घर से बाहर न निकलें।"
गत वर्ष पहुंचा था 42.2 डिग्री सेल्सियस पर
रतलाम में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक (या उसके बराबर) कई बार दर्ज किया जा चुका है, जो यहां की भीषण गर्मी का संकेत है। 18-19 अप्रैल 2026 के आसपास रतलाम में पारा 44°C तक पहुंच गया था और यह राज्य के सबसे गर्म शहरों में से एक रहा। अप्रैल 2025 में भी रतलाम में तापमान 44.2°C तक दर्ज किया गया था। इससे पहले वर्ष 2017 और 2019 में भी अधिकतम तापमान 44 डिग्री के पार जा चुका है।
Hemant Bhatt