सामाजिक सरोकार : गुलाब जामुन खिलाए, नौकरी दिलाने की कही बात, तब युवती ने बताया अपने बारे में

सामाजिक सरोकार : गुलाब जामुन खिलाए, नौकरी दिलाने की कही बात, तब युवती ने बताया अपने बारे में

बड़ी बहन से झगड़ा करके आ गई थी हनुमान मंदिर

⚫ रोते हुए देखा लोगों ने, पूछताछ में कुछ नहीं पता चला

⚫ समाजसेवी गोविंद काकानी के प्रयास हुए सार्थक

हरमुद्दा
रतलाम, 24 अप्रैल। श्री हनुमान मंदिर की सीढ़ियों पर रोती हुई 19 साल युवती से पूछताछ की मगर पता नहीं चला। गुलाब जामुन खिलाए। नौकरी दिलाने की बात कही तब जाकर उसने अपने बारे में जानकारी दी। उसने बताया कि वह बड़ी बहन से झगड़ कर आ गई। पिता का निधन हो चुका है। हम 6 बहने हैं। मैं सबसे छोटी हूं। वन स्टाफ सेंटर से वह अपने घर सकुशल वह लौट गई। 


काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव एवं समाजसेवी गोविंद काकानी ने हरमुद्दा को बताया कि बात मंगलवार की है। चांदनी चौक स्थित हनुमान मंदिर पर एक युवती रोए जा रही थी 
क्षेत्र के समाजसेवी राहुल बैरागी, मंदिर के पुजारी आदि लोग इकट्ठे हो गए। पता जानने की कोशिश की परंतु ज्योति कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं थी। हताश लोगों ने समाजसेवी गोविंद काकानी को फोन लगाया। जानकारी मिलते हुए तत्काल मौके पर पहुंचे। 

संबंधित थाने पर थी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज

श्री काकानी ने सबसे पहले उसे गुलाब जामुन खिलाए। धीरे-धीरे पहचान बढ़ाते हुए उसका भरोसा जीता। क्षेत्रवासियों के साथ में उसे लेकर वन स्टाफ सेंटर पर गए। माणक चौक थाना पुलिस को कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना दी गई। इस पर जानकारी मिली कि इसकी रिपोर्ट निवास स्थान वाले थाने पर की गई है। 

तो बताई नौकरी दिलाने की बात

दिक्कत यह थी कि युवती वन स्टाफ सेंटर पर वह रुकने को तैयार नहीं। बात तो ही बातों में जब पता चला कि उसने 12वीं तक पढ़ाई की है। कंप्यूटर का बेसिक कोर्स किया है। तो उसे बताया कि यहां पर नौकरी भी मिल सकती है। इसके पश्चात उसको वन स्टाफ केंद्र की अन्य लड़कियों की काउंसलिंग में लगवा दिया, जिससे उसके अंदर आत्मविश्वास आया।

गुस्सा अधिक होने के कारण उठाया यह कदम

वन स्टाफ सेंटर की प्रशासक एवं परामर्शदाता

तीन दिन में केंद्र प्रशासक नीता परिहार, परामर्शदाता रिया गुर्जर  एवं स्टाफ द्वारा बहुत अच्छी देख-रेख के फल स्वरूप परिवार से मां एवं जमाई आए। परिजनों ने भी बताया कि इसके पिताजी का स्वर्गवास हो चुका है। यह 6 बहने हैं। पांच की शादी हो चुकी। यह सबसे छोटी है। इसे लाड प्यार से रखा। गुस्सा अधिक होने के कारण उसने यह कदम उठाया था परंतु अब भविष्य में इस प्रकार की गलती न करने का आश्वासन प्राप्त होने वन स्टाफ सेंटर से श्री काकानी द्वारा कुछ राशि देकर सकुशल घर लौटाया।

माना हृदय से आभार

परिजनों ने चांदनी चौक के समाजसेवी बंधु , काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन,  वन स्टाफ सेंटर एवं पुलिस प्रशासन का हृदय से धन्यवाद अर्पित किया