अयोध्या के नाथ श्री राम नवमी महोत्सव पर भव्यता और श्रद्धा का अद्भुत संगम
⚫ आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया
⚫ अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ में शामिल हुए मानस प्रेमी
हरमुद्दा
रतलाम, 27 मार्च। श्री अयोध्यानाथ मंदिर, गढ़ कैलाश मंदिर परिसर में राम नवमी महा महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। प्रभु श्री राम का अलौकिक श्रृंगार सभी के मन में बस गया । मध्यान्ह में ठीक 12 बजे जैसे ही भगवानश्रीराम के जन्म का मंगल प्रसंग आया सम्पूर्ण क्षेत्र शंख, नगाड़े, ढोल-ढमाकों की गूंज के साथ “जय श्री राम” के जयघोष से गूंज उठा।

प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। मंगला दर्शन, मंगला आरती एवं मंगल अभिषेक के दौरान भक्तों ने भगवान श्रीराम के दिव्य स्वरूप का दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। विशेष रूप से दर्शनीय श्रृंगार आरती ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिसमें भगवान का अलौकिक श्रृंगार देखते ही बनता था। इस पावन अवसर पर मंदिर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन, रामायण पाठ और विशेष पूजा-अर्चना के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त की। पुजारियों द्वारा भगवान का अभिषेक और श्रृंगार किया गया, जिसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित हुए।
श्री राम के जय घोष से भक्ति में हुआ वातावरण
मध्यान्ह में ठीक 12 बजे जैसे ही भगवान श्रीराम के जन्म का पावन क्षण आया, पूरे मंदिर परिसर में शंख, नगाड़े, ढोल-ढमाकों की गूंज के साथ “जय श्री राम” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। अमृत सागर क्षेत्र पूरी तरह से आस्था और उल्लास के रंग में सराबोर नजर आया। उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने इस पावन क्षण का उत्सवपूर्ण स्वागत किया। इसी के साथ मानस परिवार द्वारा आयोजित अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ में मानस प्रेमी शामिल हुए।
धार्मिक आस्था का प्रतीक बन महोत्सव
मंदिर समिति द्वारा आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पूरे दिन भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान एवं प्रसादी वितरण का सिलसिला चलता रहा। यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक समरसता और सामूहिक भक्ति का भी अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करता रहा।
Hemant Bhatt