सांदीपनि विद्यालय विनोबा रतलाम ने राष्ट्रीय फिक्की 'अराइज अवॉर्ड' के फाइनल राउंड में बनाई जगह
⚫ फिक्की मुख्यालय में हुआ प्रस्तुतीकरण
⚫ देशभर के शीर्ष विद्यालयों में शामिल होकर सांदीपनि विनोबा ने फिक्की मुख्यालय नई दिल्ली में दी राष्ट्रीय जूरी को प्रस्तुति
⚫ राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षक गजेन्द्र सिंह राठौर ने प्रस्तुत किया नवाचारी ‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ मॉडल
शिक्षण प्रक्रिया में AI टूल्स और उद्यमी सोच के एकीकरण पर विद्यालय का विशेष जोर
हरमुद्दा
रतलाम, 15 सितंबर। शिक्षा के क्षेत्र में रतलाम का नाम राष्ट्रीय स्तर पर पुनः गौरवान्वित हुआ है। सांदीपनि विद्यालय विनोबा, रतलाम ने फिक्की (FICCI) समर्थित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के "अराइज अवॉर्ड" (Arise Award) के तीसरे और अंतिम चरण में सफलतापूर्वक अपना प्रस्तुतीकरण दिया। अंतिम चयन का परिणाम प्रतीक्षित है। 'अराइज अवॉर्ड' का मुख्य समारोह 26 सितंबर को नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा, जहां विजेताओं की घोषणा होगी।
यह प्रस्तुतीकरण 12 सितंबर को नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में आयोजित हुआ, जहां राष्ट्रीय स्तर के ग्रैंड जूरी के समक्ष विद्यालय के नवाचारी शैक्षणिक मॉडल को सराहा गया।
तीन चरणों की कठोर चयन प्रक्रिया पार कर पहुंचे फाइनल में
देशभर से हजारों प्रतिष्ठित विद्यालयों ने इस बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया में भाग लिया था।
विद्यालय ने ‘टीचर्स प्रोफेशनल डेवलपमेंट’ श्रेणी में
प्रथम चरण: प्रभावी प्रारंभिक प्रस्तुति के आधार पर चयन हासिल किया।
द्वितीय चरण: विस्तृत दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत कर शॉर्टलिस्ट हुआ।
तृतीय चरण: 12 सितंबर को नई दिल्ली में ग्रैंड जूरी के सामने प्रत्यक्ष प्रस्तुतिकरण एवं गहन प्रश्नोत्तर सत्र में भाग लिया।
‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ मॉडल का हुआ प्रदर्शन
‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ मॉडल को रखा जूरी के सामने
तृतीय चरण का प्रस्तुतीकरण विद्यालय के उप-प्राचार्य एवं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक गजेन्द्र सिंह राठौर ने किया। उन्होंने विद्यालय द्वारा विकसित ‘साइकिल ऑफ ग्रोथ’ मॉडल को जूरी के सामने रखा। प्रस्तुतीकरण के दौरान शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास, सीखने की निरंतर प्रक्रिया, और विद्यालय स्तर पर इसके सकारात्मक प्रभाव को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
‘नई पीढ़ी के साथ शिक्षकों का विकास भी अनिवार्य’
उप-प्राचार्य गजेन्द्र सिंह राठौर ने बताया, "हमारा लक्ष्य ऐसा शैक्षिक वातावरण तैयार करना है जहां शिक्षक निरंतर सीखें और प्रयोग करें। विद्यालय अब शिक्षकों के लिए शिक्षण प्रक्रिया में AI टूल्स (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के एकीकरण पर कार्य कर रहा है। इसके साथ ही, 'द जेन साह मॉडल' और 'ब्रूडिंग इफेक्ट' जैसे नवाचारों के माध्यम से शिक्षकों में उद्यमी सोच (Entrepreneurial Mindset) को बढ़ावा दिया जा रहा है।"
26 सितंबर को नई दिल्ली में होगी अवॉर्ड सेरेमनी
विद्यालय की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संस्था की प्राचार्य संध्या वोरा ने बताया कि अंतिम चयन का परिणाम प्रतीक्षित है। 'अराइज अवॉर्ड' का मुख्य समारोह 26 सितंबर को नई दिल्ली स्थित फिक्की मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा, जहां विजेताओं की घोषणा होगी। विद्यालय परिवार और शहरवासियों को इस राष्ट्रीय मंच से रतलाम के लिए बड़ी सफलता की उम्मीद है।
Hemant Bhatt