मीडिया संवाद : विकसित भारत जी राम जी अधिनियम में अब 125 दिन मिलेगा रोजगार, नहीं तो मिलेगा बेरोजगारी भत्ता

मीडिया संवाद : विकसित भारत जी राम जी अधिनियम में अब 125 दिन मिलेगा रोजगार, नहीं तो मिलेगा बेरोजगारी भत्ता

जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी वैशाली जैन ने कहा

⚫ जिला पंचायत सभाकक्ष में विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025 पर हुआ मीडिया संवाद

⚫ देश के 125 अति दोहित जिलों में रतलाम भी शामिल

⚫ जिले में 1 लाख 70 हजार से अधिक मजदूर

⚫ ई केवाईसी में रतलाम प्रदेश में अव्वल

हरमुद्दा
रतलाम, 2 मार्च। "विकसित भारत की राम जी" अधिनियम के तहत अब 100 दिन की बजाय 125 दिन मजदूरों को रोजगार मिलेगा। कार्यों का विभाजन भी किया गया है जिसके तहत जल संरक्षण, सड़क, भवन निर्माण, आजीविका के कार्य, आपदा शमन आदि शामिल है। यदि किसी कारणवश रोजगार नहीं मिला तो बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान है। ई केवाईसी में प्रदेश में रतलाम जिला अव्वल है। 90% से अधिक कार्य हो चुका है।

यह बात जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी वैशाली जैन ने पत्रकारों को बताई। सीईओ सुश्री जैन जिला पंचायत सभाकक्ष में " विकसित भारत जी राम जी" अधिनियम 2025 पर हुए मीडिया संवाद में अधिनियम की जानकारी दे रही थी। मीडिया संवाद कार्यक्रम में 125 दिन रोजगार के फोल्डर का विमोचन सीईओ जैन के साथ मीडिया बंधुओं ने किया।

जल संरक्षण एवं भूमि सुधार की दिशा में 130 हेक्टेयर पर गुंटूर ट्रैचिंग कार्य

मीडिया के प्रश्नों का उत्तर देते हुए सीईओ जैन ने बताया कि जल संरक्षण और भूमि सुधार की दिशा में करीब 130 हेक्टेयर में गुंटूर ट्रैचिंग का कार्य हुआ है। इसके साथ ही 250 व्यक्तियों (पंचायत सचिव व रोजगार सहायक) से वसूली भी हुई है, जिन्होंने काम चालू कर दिया लेकिन पूरा नहीं किया है। तकरीबन 4 लाख 45 हजार वसूली की कार्रवाई हुई। पिंगला नदी गर्मी में सूख जाती है। इसलिए वहां पर तीन स्टाफ डेम बनाए जाएंगे। ज्ञानोदय योजना के तहत वाटर हार्वेस्टिंग का बेहतर कार्य हो रहा है। 

मजदूरी किसी की भी बकाया नहीं, सामग्री का 14 करोड़ बाकी

प्रश्न के जवाब में बताया कि वर्तमान में किसी भी मजदूर की मजदूरी बकाया नहीं है उन्हें पूरी मजदूरी दे दी गई है मगर पदार्थ का तकरीबन 14 करोड़ का भुगतान होना शेष है। 

नियमानुसार मिलेगा बेरोजगारी भत्ता

जी राम जी अधिनियम का उद्देश्य 2047 ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका सुरक्षा को सशक्त बनाना है। प्रत्येक ग्रामीण परिवार के इच्छुक वयस्क सदस्य को प्रति वित्तीय वर्ष न्यूनतम 125 दिनों का अकुशल रोजगार प्रदान किया जाएगा। यदि 15 दिनों के भीतर कार्य उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो नियमानुसार बेरोजगारी भत्ता देय होगा। पहले माह मजदूरी का 25% दिया जाएगा।  फिर भी रोजगार उपलब्ध नहीं करवाया गया तो आगामी 100 दिन का मजदूरी से आधा भत्ता दिया जाएगा। प्राकृतिक आपदा या महामारी जैसी आपात परिस्थितियों में अतिरिक्त रोजगार एवं राहत व्यवस्था के विशेष प्रावधान भी किए गए हैं।

मजदूरी का भुगतान 15 दिन में जरूरी

सीईओ ने बताया कि जिले में 1 लाख 70 हजार से अधिक मजदूर हैं। मजदूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर अनिवार्य होगा। मजदूरी दर केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित की जाएगी, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 की निर्धारित दर से कम नहीं होगी। 

ग्राम पंचायत में इन कार्य को दिया जाएगा अंजाम

सीईओ ने बताया कि अधिनियम में जरूरत के मुताबिक जल संरक्षण एवं जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास, आजीविका संवर्धन संरचनाएँ, प्राकृतिक आपदा न्यूनीकरण कार्य सहित विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता दी गई है। 

समाज तय करेगा कार्य की गुणवत्ता

डिजिटल पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, डिजिटल मॉनिटरिंग, कार्य की गुणवत्ता को समाज या सामाजिक व्यक्ति तय करेंगे। जो कि साप्ताहिक रूप से होगी।

ऐसी रहेगी व्यवस्था वित्त की      

सीईओ जैन ने बताया कि वित्तीय साझेदारी के तहत केंद्र एवं राज्य के बीच 60:40 का अनुपात रहेगा, जबकि उत्तर-पूर्वी एवं हिमालयी राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 निर्धारित किया गया है। प्रशासनिक व्यय सीमा 6 प्रतिशत से बढ़कर 9% की गई है।

आजीविका सुरक्षा को मिलेगी नई गति

सीईओ ने बताया कि यह विधेयक ग्रामीण भारत को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा, जिससे रोजगार सृजन के साथ आधारभूत ढांचे एवं आजीविका सुरक्षा को नई गति मिलेगी।