जनसुनवाई : तरीका, सलीका और व्यवस्था आई रास, बढ़ा जन सुनवाई के प्रति फिर विश्वास
⚫ अमलेटा के सरपंच ने बताई नल जल मिशन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की लापरवाही
⚫ कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत और एडीएम ने समस्या पर किया गौर
हरमुद्दा
रतलाम, 4 नवंबर। विधानसभा लोकसभा चुनाव के बाद काफी महीनों से जन सुनवाई मात्र रस्म अदायगी साबित हो रही थी। या यूं कहें कि कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी का तबादला होने के बाद ही जनसुनवाई का ढर्रा बिगड़ गया था। नवागत कलेक्टर मिशा सिंह के आने के बाद उसमें कसावट आई है। जनसुनवाई का तरीका, सलीका और व्यवस्था आमजन को रास आई है। जनसुनवाई के प्रति फिर विश्वास बढ़ गया है। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रतिनिधि नहीं भेजने और स्वयं के उपस्थित रहने के निर्देश दिए।

जिला पंचायत सीईओ जैन, कलेक्टर सिंह एडीएम श्रीवास्तव समस्या को देखते हुए
मंगलवार को जनसुनवाई सभा कक्ष का नजारा कुछ और ही था। जनसुनवाई के लिए आए सभी लोगों को सह सम्मान कुर्सियों पर बिठाया गया। उनको किधर से आना और किधर जाना है। सलीके और तरीके से अधिकारियों के पास बिठाया। कलेक्टर मिशा सिंह जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन और एडीएम डॉक्टर शालिनी श्रीवास्तव ने अपने-अपने स्तर की समस्याएं जन से सुनी और उन्हें गौर से समझा। समस्या बताने वाले को संतुष्ट किया।

समस्या को पढ़ाते हुए और बुजुर्ग की बात सुनते हुए सीईओ वैशाली जैन
उनकी समस्याओं को तीनों अधिकारियों ने सुना और समझा संबंधित विभाग के अधिकारी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
अमलेटा में नल जल मिशन की बदत्तर स्थिति
ग्राम पंचायत अमलेटा के सरपंच वीरेंद्र सिंह राठौड़ अमलेटा ने कलेक्टर सिंह को बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल जल योजना का ओवरहेड टैंक और पाइपलाइन का कार्य विगत 3 वर्षों में चल रहा है किंतु अभी तक कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। गांव में पेयजल की समस्या बनी रहती है। ग्राम पंचायत के माध्यम से कई बार लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद भी ठेकेदार द्वारा कार्य पूरा नहीं किया गया है।
पाइप फुट रहे, वाल्व खराब हो रहे
जो पाइप लाइन बिछाई गई है और वाल्व लगाए गए हैं, वह बार-बार खराब होते रहते हैं और पाइप लाइन फूटती रहती है जिससे ग्राम पंचायत को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ता है। समय पर पेयजल का वितरण भी नहीं हो पा रहा है।
नहीं दे पा रहे शासन की योजना को मृत रूप
पंच विजय कुमार कर्णधार, श्रीराम बैरागी, राजेंद्र सिंह को साथ लेकर आए सरपंच श्री राठौड़ ने हरमुद्दा को बताया कि नलों में टोटियां भी नहीं है। टंकियों के स्टैंड बनना बाकी है। 450 घर के लोग परेशान हैं। शासन की योजनाओं को विभाग के अधिकारी ही मूर्त रूप नहीं दे पा रहे हैं। कई बार इस मामले में शिकायत की गई मगर अब तक ध्यान नहीं दिया गया है। लगता है अब समाधान होगा।
हुए संतुष्ट, लगा फिर से शुरू हो गई जनसुनवाई

समस्या के कागज को समझते हुए एडीएम श्रीवास्तव
जनसुनवाई में समस्याओं को लेकर 92 आवेदक आए। समस्याओं के अनुसार जिम्मेदार अधिकारियों को समाधान करने के निर्देश दिए। कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत द्वारा जब समस्याओं को गंभीरता से सुना, पढ़ा और समस्या बताने वाले को पूरी तवज्जो दी गई। अधिकारियों के इस व्यवहार से सभी काफी संतुष्ट हुए। उन्हें फिर से लगा कि जनसुनवाई वाकई में फिर से शुरू हो गई है। पहले वही अधिकारी बालों में पेन और अंगुलियां घूमाते थे या फिर अन्य विभाग के अधिकारी द्वारा भेजे गए प्रतिनिधि मोबाइल पर चैटिंग करते नजर आते थे। उनमें से अधिकांश मंगलवार कुछ गंभीर नजर आए।
... और तब हुआ ऐसा
जनसुनवाई चल रही थी। कुछ व्यक्ति कलेक्टर से मिलकर उन्हें समस्या बताने की तमन्ना में बैठे थे। तभी 12 बजकर 52 पर डीआरएम अश्वनी कुमार के आने पर कलेक्टर सिंह और सीईओ जिला पंचायत जैन कक्ष में उनसे मिलने पहुंचे। इसके पश्चात एडीएम सुनवाई कर रही थी। 3 मिनट बाद उनके साथ अन्य अधिकारी भी चले गए जबकि घड़ी में 1 बजने में 4 मिनट की देरी थी। तब एक चाचा आए थे तो उन्हें कहा गया कि आज की जनसुनवाई पूरी हो गई तो वह घड़ी देखने लगे, अभी एक कहां बजी?
Hemant Bhatt