अस्पताल या कचराघर? अस्पताल में कलेक्टर की सरप्राइज रेड
⚫ मरीजों की सेहत से खिलवाड़ और चरम पर
⚫ 190 डॉक्टर-कर्मचारी गायब
⚫ चारों तरफ गंदगी देख बिफरे कलेक्टर
हरमुद्दा
रीवा, 8 सितंबर। मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल 'संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल' (रीवा) में मरीजों की सेहत से खिलवाड़ और चरम पर पहुंची लापरवाही का बड़ा खुलासा हुआ है। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी द्वारा अचानक किए गए औचक निरीक्षण (सरप्राइज रेड) में अस्पताल की ऐसी बदहाली सामने आई, जिसने पूरी व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। निरीक्षण के दौरान कुल 190 डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी ड्यूटी से नदारद पाए गए, वहीं अस्पताल के कोनों में फैली गंदगी और कचरे के अंबार ने व्यवस्थाओं के दावों की हवा निकाल दी।

सरप्राइज रेड से मचा हड़कंप, 190 अनुपस्थित
कलेक्टर सूर्यवंशी के साथ एस पी गुरुकरण सिंह अचानक अस्पताल प्रांगण पहुंचते ही वहां हड़कंप मच गया। जब हाजिरी रजिस्टर और ड्यूटी रोस्टर की जांच की गई, तो पाया गया कि 190 डॉक्टर व कर्मचारी अपनी ड्यूटी छोड़कर गायब थे। बिना किसी पूर्व सूचना के इतने बड़े पैमाने पर स्टाफ का नदारद रहना यह दिखाता है कि किस तरह दूर-दराज से आने वाले गरीब और लाचार मरीजों की जान और सेहत को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया था।

चारों तरफ कचरे का अंबार, बदबू से हाल बेहाल
अस्पताल, जिसे स्वच्छता की मिसाल होना चाहिए, वह गंदगी का गढ़ बना हुआ था। वार्डों, गलियारों और परिसर के कोनों में बायो-मेडिकल वेस्ट और कचरा पसरा हुआ था। सफाई के अभाव में चारों तरफ बदबू का आलम था, जिससे भर्ती मरीजों और उनके परिजनों का सांस लेना भी मुहाल हो रहा था।
कलेक्टर का सख्त रुख अधिकारियों की लगाई क्लास

अस्पताल की दुर्दशा और गैर-जिम्मेदारी का यह नजारा देखकर कलेक्टर का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके पर मौजूद अस्पताल प्रबंधन, अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई और कड़े शब्दों में फटकार लगाई।
गैर-हाजिरों पर गाज: अनुपस्थित पाए गए सभी 190 डॉक्टरों और कर्मचारियों का सात दिन का वेतन रोकने तथा शो-कॉज नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
सफाई व्यवस्था पर अल्टीमेटम: अस्पताल परिसर को तुरंत साफ करने और लापरवाही बरतने वाली एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए।
अनुशासन का पाठ: कलेक्टर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि मरीजों के इलाज और अस्पताल की स्वच्छता में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मरीजों के भरोसे के साथ खिलवाड़ कब तक?
विंध्य क्षेत्र के हजारों मरीज रोज आस बांधकर संजय गांधी मेडिकल कॉलेज आते हैं। लेकिन ऐसे में डॉक्टरों का ड्यूटी से नदारद रहना और अस्पताल में गंदगी का साम्राज्य होना सीधे तौर पर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ है। प्रशासन के इस कड़े कदम से लापरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप जरूर मचा है, लेकिन अब देखना यह होगा कि इस कार्रवाई के बाद अस्पताल की पटरी से उतरी व्यवस्थाएं कब तक दुरुस्त होती हैं।
Hemant Bhatt