हाल हकीकत : सत्ता वाले करते रहे सत्यानाश, पुलिस और प्रशासन का रहा अवकाश, ना सुनाई दिया, ना दिखाई दिया, ना आवाज निकली, जिम्मेदारों के लिए थी कुर्सी खास, आम जनता के लिए सब बकवास
हेमंत भट्ट
रतलाम, 27 दिसंबर। शनिवार को रतलाम शहर में सत्ता वाले अपनी मनमानी पर उतर आए। यातायात व्यवस्था का सत्यानाश करते रहे। चारों ओर कान फोड़ू आवाज से सभी परेशान नजर आए, मगर यह सब देखने के लिए पुलिस और प्रशासन लगता अवकाश पर था। क्योंकि जिम्मेदारों को ना सुनाई दिया, ना दिखाई दिया, ना आवाज निकली। कार्रवाई करने वाले जिम्मेदारों के लिए तो कुर्सी खास थी। सारी कसरत भारतीय जनता युवा मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर को अपना प्रभाव दिखाने के लिए हुई जो कि आम जनता के लिए बकवास थी। शहरवासी परेशान होते रहे। एक दिन पहले शहर एसडीएम का लागू हुए आदेश का पालन करने में आला अफसर नकारा साबित हुए।

शनिवार को सुबह से ही शहरवासी परेशान नजर आए परेशान करने वाले कोई और नहीं बल्कि भारतीय जनता युवा मोर्चा के लोग थे।
दावेदारी में शहर की व्यवस्था अस्त-व्यस्त

भारतीय जनता युवा मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के रतलाम आगमन पर युवा मोर्चा के दावेदारों द्वारा किए गए शक्ति प्रदर्शन से शहर की व्यवस्था अस्त व्यस्त होती रही। स्वागत मंचों के कारण कई प्रमुख मार्गो का यातायात बाधित होता रहा और नागरिकों को आवागमन में भारी असुविधा का सामना करना पडा। प्रदेश अध्यक्ष का रतलाम आगमन युवा मोर्चा के दावेदारों के लिए शक्ति प्रदर्शन का अच्छा मौका था। इसी के चलते बीते कई दिनों से शहर में होर्डिंग बैनर की भरमार हो गई थी।
जिधर देखो उधर होर्डिंग और बैनर
युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष के आगमन को लेकर अनेक युवा नेताओं ने अपने अपने नाम के ढेरों होर्डिंग बैनर लगाकर पूरे शहर को पाट दिया था। जिधर देखो उधर होर्डिंग और बैनर नजर आ रहे थे। बिजली के खम्बे हो या ऐतिहासिक स्मारकों। सब पर होर्डिंग ही होर्डिंग थे। मगर उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई जबकि नगर निगम की बैठक में नगर की सुंदरता के मद्देनजर होर्डिंग नहीं लगाने के निर्देश दिए थे। संबंधितों पर कार्रवाई की बात भी कही थी। साथ ही ऐतिहासिक स्मारकों पर होर्डिंग नहीं लगाने के बोर्ड भी लगाए थे, उनको भी धता दिखा दिया। शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष के रतलाम आगमन से एक दिन पहले यानी शुक्रवार से ही इन दावेदारों ने प्रदेश अध्यक्ष के भव्य स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी थी। प्रदेश अध्यक्ष टेलर के आगमन मार्ग में कई बडे बडे स्वागत मंच बनाए।
घेर ली पूरी सड़क
फव्वारा चौक, गीता मन्दिर, दो बत्ती घोडा चौराहा, न्यू रोड जैसी तमाम सड़कों पर शुक्रवार रात से ही स्वागत मंच तैयार किए जा रहे थे। गीता मन्दिर और दो बत्ती चौराहे पर लगाए गए स्वागत मंच इतने बडे आकार के थे, कि उन्होने पूरी सड़क ही घेर ली थी। इसका नतीजा यह हुआ कि शनिवार सुबह से ही इन सड़कों पर बार बार जाम लगने लगे थे।
तब हो गई सड़के जाम
जब प्रदेश अध्यक्ष का काफिला रतलाम में पहुंचा तो काफिले के साथ चल रहे वाहनों और स्वागत मंचो के चलते सड़कें पूरी तरह जाम हो गई।
काफी समय तक फंसे रहे जाम में
युवा मोर्चा के दावेदारों ने प्रदेश अध्यक्ष पर फूलों की बरसात करने के लिए कई सारे जेसीबी वाहन भी इन स्वागत मंचों पर तैनात कर रखे थे। इसका परिणाम यह हुआ कि इन सडक़ों से गुजरने वाले नागरिकों को काफी समय तक जाम में फंसे रहना पडा। इन स्वागत मंचों पर सुबह से तेज आवाज में कान फोड़ू स्पीकर बेहद तेज आवाज में बजाए जा रहे थे। इन गीतों से भी लोगों को काफी असुविधा हुई।
अपने ही आदेश का पालन नहीं करवा पाए जिम्मेदार
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन ने 26 दिसंबर को ही शहर में प्रतिबन्धात्मक आदेश जारी कर इस प्रकार के आयोजनों पर रोक लगाई थी, लेकिन भाजयुमो के इस आयोजन के चलते प्रशासन का यह प्रतिबन्धात्मक आदेश बेअसर रहा और पुलिस प्रशासन भी असहाय नजर आया। ऐसा लग रहा था कि प्रशासन के कोई भी जिम्मेदार सड़कों पर नहीं है क्योंकि वह होते तो उनको दिखता, सुनाई देता और कुछ बोलते भी मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ। जिम्मेदारों के मुंह में तो दही जमा हुआ था।
जिम्मेदारों को कुर्सी खास, बाकी सब बकवास
ऐसा लगता है कि जिम्मेदारों को भी अपनी केवल और केवल कुर्सी ही प्यारी है। उसे बचाने में मौन रहे। इधर जनता के लिए यह सब बकवास साबित हो रहा था। वह परेशान हुए जा रहे थे, मगर कोई बोलने वाला कोई नहीं था।
Hemant Bhatt