संकल्प से समाधान' कार्यक्रम में छाई रतलाम की पहल

संकल्प से समाधान' कार्यक्रम में छाई रतलाम की पहल

उपमुख्यमंत्री के समक्ष गोविंद काकानी ने उठाया ब्लड शुद्धता के लिए NAT टेस्टिंग का मुद्दा

​रतलाम डे केयर सेंटर की व्यवस्थाओं की सराहना

सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया

हरमुद्दा
​भोपाल, 3 अगस्त। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित 'संकल्प से समाधान' कार्यक्रम मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ल के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस राज्यस्तरीय आयोजन में 'थैलेसीमिया मुक्त मध्य प्रदेश जन जागरण समिति' के मार्गदर्शक तथा काकानी सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव गोविंद काकानी ने सहभागिता की और प्रदेश को थैलेसीमिया मुक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।


​रतलाम विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गोविंद काकानी ने थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को दी जाने वाली रक्त की और अधिक शुद्धता व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रतलाम मेडिकल कॉलेज में 'NAT (न्यूक्लिक एसिड टेस्टिंग) मशीन' उपलब्ध कराने की मांग उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य विभाग के समक्ष प्रमुखता से रखी।

​रतलाम डे केयर सेंटर की व्यवस्थाओं की सराहना

​कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोविंद काकानी ने रतलाम स्थित डे केयर सेंटर में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को मिल रही उच्च स्तरीय सुविधाओं का ब्योरा दिया। उन्होंने इस दिशा में
​कैबिनेट मंत्री व रतलाम विधायक चैतन्य काश्यप द्वारा निरंतर दिए जा रहे अमूल्य सहयोग, और जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की खुले मन से प्रशंसा की।

करतल ध्वनि से हुई सराहना

​काकानी द्वारा प्रस्तुत रतलाम मॉडल और शासकीय सुविधाओं की जानकारी सुनकर राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय अतिथियों ने करतल ध्वनि से रतलाम की इस पहल की सराहना की।

​दिग्गजों की उपस्थिति और अनुभव साझा

​लगभग 6 घंटे चली इस गहन कार्यशाला में थैलेसीमिया रोकथाम पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में दिल्ली से पधारे 'थैलेसीमिया इंडिया' के अध्यक्ष दीपक चोपड़ा, सचिव शोभा तुली, राज्य शासन की प्रभारी डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रूबी खान एवं इंदौर मेडिकल कॉलेज के डॉ. अशोक यादव सहित देश-प्रदेश के कई वरिष्ठ समाजसेवी व चिकित्सक मौजूद रहे।

सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया

​'थैलेसीमिया मुक्त मध्य प्रदेश जन जागरण समिति' के अध्यक्ष विकास शुक्ला, संरक्षक सत्येंद्र राठौर, अजय कुमार घोष (दादा) एवं सरबजीत सिंह नारंग ने वर्षों के अपने कार्य अनुभवों को सदन के साथ साझा किया।समिति के सभी पदाधिकारियों ने प्रदेश को थैलेसीमिया मुक्त बनाने के अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।