दुखों का टूटा पहाड़: 12 घंटे के भीतर दो सगे भाइयों की साइलेंट अटैक से मौत
⚫ अंतिम संस्कार से लौटते ही पसरा दूसरा सन्नाटा
⚫ 2 महीने में उजड़ गए 3 सुहाग
हरमुद्दा
झालावाड़, 18 सितंबर। राजस्थान के झालावाड़ जिले से एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ काल के क्रूर चक्र ने एक ही परिवार की खुशियों को चिता की राख में तब्दील कर दिया। महज 12 घंटे के भीतर दो सगे भाइयों की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई। रुला देने वाली बात यह है कि पूरा परिवार अभी बड़े भाई का अंतिम संस्कार कर घर लौटा ही था कि छोटे भाई ने भी दम तोड़ दिया। वहीं, करीब दो महीने पहले ही परिवार के सबसे छोटे भाई की भी इसी तरह अचानक मौत हुई थी। दो महीने में तीन बेटों को खोने के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है और परिवार सदमे में है।

घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब झालावाड़ जिले के अकलेरा के ल्हासा गांव के मांगीलाल जाटव (55) की गुरुवार रात अचानक तबीयत बिगड़ी। परिजन उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार मांगीलाल की मौत दिल का दौरा पड़ने (हार्ट अटैक) से हुई थी।

अभी परिवार मांगीलाल की मौत के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि नियति ने दूसरा वार कर दिया। मांगीलाल का अंतिम संस्कार कर जैसे ही परिजन और ग्रामीण घर लौटे, छोटे भाई रामबिलास (45) अचानक अचेत (बेहोश) हो गए। घबराए परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। मांगीलाल के जाने के महज 12 घंटे के भीतर ही रामविलास की मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया।
2 महीने में तीन भाइयों की उजड़ी गृहस्थी

इस परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ यहीं खत्म नहीं होता। ग्रामीणों ने बताया कि इसी साल जुलाई महीने में परिवार के सबसे छोटे भाई चैन सिंह जाटव (40) की भी इसी तरह रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हुई थी। चैन सिंह खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
गांव में नहीं जले चूल्हे, स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल
एक ही घर से दो महीने के भीतर तीन सगे भाइयों की अर्थी उठने से पूरा गांव सदमे में है। घटना के बाद से ही गांव के कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले हैं। ग्रामीणों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
होनी चाहिए जेनेटिक कारणों की पड़ताल
एक ही परिवार में लगातार तीन लोगों की अचानक हार्ट अटैक (साइलेंट अटैक) से हुई मौत ने चिकित्सा विशेषज्ञों को भी चिंता में डाल दिया है। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में भेजकर परिवार के अन्य सदस्यों की कार्डिएक जांच (हृदय जांच) और जेनेटिक कारणों की पड़ताल कराई जानी चाहिए, ताकि किसी अनहोनी को रोका जा सके।
Hemant Bhatt