दिव्य गीता सत्संग का आयोजन 12 जुलाई को सूरिनाम में

दिव्य गीता सत्संग का आयोजन 12 जुलाई को सूरिनाम में

मध्य प्रदेश रतलाम के आचार्य सत्यवृत शास्त्री बहाएंगे ज्ञान की अमृत गंगा

⚫ ढाई दशक से विदेशों में जाकर धर्म संस्कृति और अध्यात्म का कर रहे हैं प्रचार प्रसार आचार्य शास्त्री

हरमुद्दा
​सूरिनाम, 1 जुलाई। सनातन धर्म प्रेमियों के लिए एक बेहद हर्ष और उल्लास का अवसर आ रहा है। सनातन गीता परिवार सूरिनाम के तत्वावधान में आगामी 12 जुलाई 2026 (रविवार) को एक भव्य 'दिव्य गीता सत्संग' का आयोजन किया जा रहा है। इस अलौकिक धार्मिक अनुष्ठान में प्रख्यात विद्वान अंतरराष्ट्रीय धर्म प्रवक्ता आचार्य श्री सत्यव्रत शास्त्री जी अपने मुखारविंद से श्रीमद्भगवद्गीता के गूढ़ रहस्यों और जीवनोपयोगी संदेशों का अमृत पान कराएंगे।

​सत्संग का मुख्य उद्देश्य वर्तमान समय में गीता के शाश्वत ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाना और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है।

आचार्य सत्यव्रत शास्त्री

उल्लेखनीय है कि आचार्य शास्त्री ढाई दशक से विदेशों में जाकर धर्म संस्कृति और अध्यात्म का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। संस्कृत की शिक्षा देने के साथ ही ज्योतिष एवं कर्मकांड में भी वहां के रुचिकर लोगों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। 

​कार्यक्रम की मुख्य रूपरेखा 

​यह धार्मिक उत्सव केवल प्रवचन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आध्यात्मिक जागृति के कई दिव्य चरण शामिल होंगे। 

⚫ ​दीप प्रज्वलन एवं गीता पूजन: वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पावन ग्रंथ की आराधना।

⚫ ​सामूहिक गीता पाठ: भक्तों द्वारा भगवद्गीता के श्लोकों का सस्वर वाचन।

⚫ ​भजनों की अमृतवर्षा: सुमधुर भजनों के माध्यम से भक्तिमय सांस्कृतिक प्रस्तुति।

⚫ ​शास्त्री जी के प्रवचन: जीवन को सही दिशा दिखाने वाली दिव्य अमृतवाणी।

⚫ ​महाआरती एवं महाप्रसाद: कार्यक्रम के समापन पर प्रभु की आरती और सामूहिक भोजन (भंडारा)।

एक नजर कब और कहां

दिनांक : 12 जुलाई 2026 रविवार

समय (Time)सायंकाल 05:00 बजे से रात्रि 08:00 बजे तक

स्थान (Venue)प्रिंस बॉलरूम (Prince Ballroom)

सनातन गीता परिवार सूरिनाम का विशेष आह्वान

"श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान मनुष्य के जीवन के हर संशय को दूर करता है। सनातन गीता परिवार सूरिनाम आप सभी धर्मप्रेमियों से करबद्ध प्रार्थना करता है कि इस परम पुनीत कार्य में सपरिवार पधारकर पुण्य लाभ अर्जित करें और इस धार्मिक उत्सव की शोभा बढ़ाएं।"