धर्म संस्कृति : हरितालिका व्रत उत्सव मंगलवार को, चार प्रहर की होगी पूजन, मंगल दायक विघ्न विनाशक के उत्सव का श्री गणेश बुधवार को

धर्म संस्कृति : हरितालिका व्रत उत्सव मंगलवार को, चार प्रहर की होगी पूजन, मंगल दायक विघ्न विनाशक के उत्सव का श्री गणेश बुधवार को

सामवेदी ब्राह्मण का उपाकर्म और रक्षाबंधन 26 अगस्त को

⚫ ऋषि पंचमी उत्सव 28 अगस्त को

हरमुद्दा
रतलाम, 25 अगस्त। मंगलवार को हरतालिका व्रत उत्सव का आयोजन किया जाएगा। चार प्रहर की पूजन मंगलवार को शाम से लेकर सुबह ब्रह्म मुहूर्त तक की जाएगी। सामवेदी  ब्राह्मण उपाकर्म करेंगे और रक्षाबंधन उत्सव मनाएंगे। 27 अगस्त को घर-घर में रिद्धि सिद्धि के दाता विघ्न विनाशक श्री गणेश उत्सव की शुरुआत होगी। ऋषि पंचमी का उत्सव महिलाओं द्वारा 28 अगस्त को मनाया जाएगा। 

ज्योर्तिविद पंडित दुर्गाशंकर ओझा ने हरमुद्दा को बताया कि हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन महिलाएं अपने सुहाग को अखंड बनाए रखने और अविवाहित युवतियां मनचाहा वर पाने के लिए करती हैं। यह व्रत महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती को प्रसन्न करने के लिए करती हैं। इस दिन महिलाएं गौरी-शंकर की पूजा करती हैं और निर्जला व्रत का पालन करती हैं। 

24 मिनट की एक घटी (घड़ी), पूर्ण फल देने वाला है हस्त नक्षत्र

ज्योतिर्विद पंडित ओझा ने बताया कि मंगलवार को तृतीया 1:30 बजे तक रहेगी, वहीं हस्त नक्षत्र सुबह से सुबह तक रहेगा। हरतालिका व्रत के लिए हस्त नक्षत्र और सूर्योदय को दौरान तृतीया का होना आवश्यक है। इसके साथ ही सूर्योदय के पश्चात जो तिथि तीन "घटी" (घड़ी) तक रहती है, वह दिन भर मान्य होती है। ज्योतिष की पारंपरिक गणना में एक 'घटी' (घड़ी) 24 मिनट के बराबर होती है, जबकि आधुनिक और सामान्य घड़ी में एक घंटे में 60 मिनट होते हैं। एक हिंदू दिवस 60 घटी का होता है, जिससे 60 घटी को 24 घंटे के बराबर करने के लिए एक घटी 24 मिनट की होती है। मंगलवार को तृतीया तिथि 17 घड़ी तक है। इसके साथ ही हस्त नक्षत्र 60 घटी (घड़ी) पूर्ण फल देने वाला है। 
मंगलवार शाम को सूर्यास्त के बाद शाम को पहले प्रहर की पूजन शुरू होगी। 9 बजे दूसरे प्रहर की, 12 बजे तीसरे प्रहर की तथा ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 4 बजे चतुर्थ प्रहर की पूजन की जाएगी। इसके पश्चात विसर्जन किया जाएगा।

उपाकर्म और रक्षाबंधन उत्सव भी रहेगा मंगलवार को

हरितालिका व्रत के साथ ही सामवेद को मानने वाले ब्राह्मण उपाकर्म करेंगे। रक्षाबंधन उत्सव भी मनाया जाएगा। श्रीमाली ब्राह्मण सहित अन्य सामवेदीय ब्राह्मण यह उत्सव मनाएंगे। 

श्री गजानन गणपति के 11 दिवसीय उत्सव का श्री गणेश 27 अगस्त को

श्री गजानन गणपति महाराज के 11 दिवसीय उत्सव का श्री गणेश 27 अगस्त को होगा। घर-घर में पार्थिव गणेश जी का पूजन अर्चन शुभ मुहूर्त में किया जाएगा। मोहल्ला कॉलोनी में पंडाल सजाकर प्रतिमा की स्थापना की जाएगी। हर दिन भोग लगाकर आरती की जाएगी। 6 सितंबर अनंत चतुर्दशी पर उत्सव का समापन होगा। श्री गणेश जी के प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।

मोक्ष की कामना में ऋषि पंचमी उत्सव 28 अगस्त को

ऋषि पंचमी का व्रत उत्सव 28 अगस्त को मनाया। इस दिन महिलाएं सप्त ऋषियों की पूजा करती हैं। मान्यता है कि इस पूजा से मासिक धर्म के दौरान जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। सप्तर्षियों की पूजा अर्चना के बाद इस दिन महिलाएं विशेष रूप से मोरधन का ही उपयोग भोजन में करती हैं।