सामाजिक सरोकार : सुख की चाह छोड़ युवा, संघर्ष की चुनौती अंगीकार कर, दादा एक मिशन और युवाम लाइट हाउस

सामाजिक सरोकार : सुख की चाह छोड़ युवा, संघर्ष की चुनौती अंगीकार कर, दादा एक मिशन और युवाम लाइट हाउस

⚫ पर्यावरण विद् खुशालसिंह पुरोहित ने कहा

⚫ वन विभाग की उच्च स्तरीय समिति में पर्यावरण विद् पुरोहित का चयन होने पर युवाम द्वारा किया सम्मान

⚫ पेड़ों की कटाई और परिवहन को लेकर कमेटी बनाएगी वन नीति

हरमुद्दा
रतलाम, 25 अगस्त। युवा वह है जो सुख की चाह छोड़कर , संघर्ष की चुनौती को स्वीकार करता हैं। जिसका सोच वैज्ञानिक हो और जीने का कोई मकसद हो। पारस दादा एक मिशन है और युवाम  लाइट हाउस है। जिसकी रोशनी से लाखो घर रोशन हो रहे  हैं।

यह बात प्रसिद्ध पर्यावरणविद खुशालसिंह पुरोहित ने कहीं। श्री पुरोहित युवाम द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे।

पेड़ों की कटाई और परिवहन को लेकर कमेटी बनाएगी वन नीति

उच्च न्यायालय के निर्देश पर बनी उच्च स्तरीय कमेटी में प्रसिद्ध पर्यावरणविद खुशालसिह पुरोहित को शामिल किए जाने पर युवाम सभागृह में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कमेटी पेड़ों की कटाई तथा परिवहन को लेकर वन नीति बनाएगी।

पर्यावरण के क्षेत्र में किया अद्वितीय कार्य

युवाम संचालक पारस सकलेचा ने कहा  कि श्री पुरोहित का हाई पावर कमेटी में शामिल किया जाना युवाम परिवार के लिए गर्व की बात है। श्री पुरोहित ने पर्यावरण के क्षेत्र में अद्वितीय कार्य किया है। श्री सकलेचा ने उपस्थित युवाओं से कहा कि पर्यावरण की रक्षा करके आप और किसी का नहीं, खुद के प्राणों की रक्षा करते हो।

दोनों लगे हुए हैं सृजन में

युवाम रतलाम के संचालक धर्मेंद्र मंडवारिया ने कहा कि दादा युवाओं का सृजन कर रहे हैं और खुशालसिंह  प्रकृति का सृजन कर रहे हैं।

विद्यार्थियों से पूछे पर्यावरण से संबंधित प्रश्न

कार्यक्रम के प्रारंभ में पुरोहित का सम्मान कक्षा संचालक शिवम राठौर तथा सुमित पोरवाल, हर्ष उपाध्याय  द्वारा किया गया । इस अवसर पर श्री पुरोहित ने विद्यार्थियों से पर्यावरण संबंधित कई प्रश्न पूछे। संचालन धर्मेंद्र मंडवारिया ने किया। आभार  शिवम राठौड़ ने माना।