खेल सरोकार : रतलाम के तीन लाल गोवा में बिखेरेंगे चमक

खेल सरोकार : रतलाम के तीन लाल गोवा में बिखेरेंगे चमक

पश्चिम क्षेत्र जूनियर एथलेटिक्स में मध्यप्रदेश की उम्मीदों का भार

⚫ तीनों युवा धावकों से स्वर्ण पदक की पूरी उम्मीद

हरमुद्दा
​रतलाम, 20 सितंबर। जब जुनून और अनुशासन एक साथ मैदान में उतरते हैं, तो सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता की राह अपने आप बन जाती है। रतलाम के खेल जगत के लिए यह बेहद गौरव का क्षण है। आगामी 27 से 29 सितम्बर तक गोवा में आयोजित होने वाली 37वीं पश्चिम क्षेत्र जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व रतलाम जिले के तीन होनहार खिलाड़ी करेंगे।


​मध्य प्रदेश एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं अंतरराष्ट्रीय निर्णायक अमानत खान ने हरमुद्दा को बताया कि इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में रतलाम के एथलीट राज्य की साख बढ़ाएंगे।

भूमिका डोडियार: 100 मीटर बाधा दौड़ (Hurdles)

​मोहित कुमार: 400 मीटर बाधा दौड़ (Hurdles)

​देवेश शर्मा: 400 मीटर एवं 800 मीटर दौड़

विभिन्न राज्यों के 600 खिलाड़ी होंगे शामिल

​टीम की कोच निर्मला भटेवरा ने बताया कि इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के 600 से अधिक चुनिंदा खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

​खेल सरोकार: प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचे की जरूरत
​रतलाम से तीन-तीन एथलीट्स का एक साथ राज्य की टीम में चुना जाना यह साबित करता है कि मालवा की इस माटी में एथलेटिक्स का हुनर कूट-कूट कर भरा है। हालांकि, इस सफलता के पीछे एक बड़ा और गंभीर सवाल भी छुपा है—"क्या हमारे खिलाड़ियों को वह ढांचा और सुविधाएं मिल पा रही हैं, जिसके वे हकदार हैं?"

ट्रैक और ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: एथलेटिक्स में तकनीक और टाइमिंग का खेल सेकंड के सौवें हिस्से पर निर्भर करता है। बाधा दौड़ (Hurdles) और मिडिल-डिस्टेंस रेस जैसे इवेंट्स के लिए अत्याधुनिक सिंथेटिक ट्रैक और आधुनिक उपकरणों की सख्त जरूरत होती है।

​स्थानीय स्तर पर प्रोत्साहन: जब कोई खिलाड़ी राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर चयन पाता है, तो केवल बधाइयों तक सीमित रहने के बजाय उसे नियमित डाइट, आधुनिक स्पाइक्स और फिजियोथेरेपी का वित्तीय सहयोग मिलना भी बेहद जरूरी है।

​निरंतरता और भविष्य की राह: इन खिलाड़ियों की यह उपलब्धि केवल एक पड़ाव है। यदि जिला प्रशासन और स्थानीय खेल संघ इन्हें दीर्घकालिक खेल नीतियां और प्रायोजक (Sponsors) उपलब्ध कराएं, तो ये ही खिलाड़ी कल देश के लिए ओलंपिक और एशियाई खेलों में पदक ला सकते हैं।

​शुभकामनाएं और उम्मीदें

​रतलाम जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश पुरोहित, उपाध्यक्ष डॉ. प्रो. एस.एस. मौर्य, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र पुरोहित, संयुक्त सचिव इकरार खान, भारत सिंह सोनगरा, वीरेंद्र प्रताप सिंह राठौर तथा मास्टर्स गेम्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष ओ.पी. मालवीय सहित शहर के खेल प्रेमियों ने तीनों खिलाड़ियों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी है।

तीनों युवा धावकों से स्वर्ण पदक की पूरी उम्मीद

​रतलाम को अपने इन तीनों युवा धावकों से स्वर्ण पदक की पूरी उम्मीद है। यह केवल तीन खिलाड़ियों की यात्रा नहीं है, बल्कि यह रतलाम के हर उस युवा के सपनों की उड़ान है जो मैदान में पसीना बहाता है।