मुद्दे की बात : रतलाम में अव्यवस्थाओं के बीच दीप पर्व का आगाज

मुद्दे की बात : रतलाम में अव्यवस्थाओं के बीच दीप पर्व का आगाज

⚫ पानी को तरसे लोग

⚫ सुबह से शाम तक आती जाती रही बिजली कई बार

⚫ सड़कों पर जला कचरा

हरमुद्दा
​रतलाम, 6 नवंबर। पांच दिवसीय पावन दीप पर्व की शुरुआत के साथ ही रतलाम शहर की प्रशासनिक और नागरिक व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। त्यौहार के पहले ही दिन नगर निगम और विद्युत वितरण कंपनी की घोर लापरवाही के कारण शहरवासियों को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक तरफ जहां सुबह से ही नलों में पानी नहीं आया, वहीं दूसरी ओर अघोषित बिजली कटौती और सड़कों पर जलते कचरे के ढेर ने नगर निगम के दावों की हवा निकाल दी।


​जल वितरण ठप, त्योहार पर पानी को तरसे शहरवासी

​दीपावली के आगमन पर घरों में साफ-सफाई और पूजा-पाठ का माहौल है, लेकिन सुबह से ही शहर के एक बड़े हिस्से में जल प्रदाय बाधित रहा। कारण बताया गया कि मौरवनी फिल्टर प्लांट का मुख्य पंप जल गया है। एन त्यौहार के मौके पर फिल्टर प्लांट के पंप का फुंक जाना नगर निगम के रखरखाव और पूर्व तैयारियों पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

​बिजली की आंख-मिचौनी: मेंटेनेंस के बाद भी बार-बार गुल हुई बिजली

​विद्युत वितरण कंपनी का दावा था कि त्यौहार से पहले तीन घंटे से अधिक का समय लेकर मेंटेनेंस कार्य पूरा कर लिया गया है। लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आई। सुबह से दोपहर तक कई बार बिजली बंद हुई और हर तीन-चार घंटे में आपूर्ति बाधित होती रही। पूरे शहर में दिनभर बिजली के आने और जाने का सिलसिला जारी रहा, जिससे व्यापारी वर्ग और आम नागरिक दिनभर हलकान रहे।

​कचरा गाड़ियां नदारद, कर्मचारियों ने सड़कों पर ही लगा दी आग

​नगर निगम की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त दिखी। शहर के कई रिहायशी इलाकों में दिनभर निगम के कचरा कलेक्शन वाहन नहीं पहुंचे, जिसके चलते घरों के डस्टबिन कचरे से लबालब भरे रहे। हद तो तब हो गई जब सड़कों पर जमा कचरे को उठाने की बजाय सफाई कर्मियों ने माचिस की तीली दिखाकर सड़कों के किनारे ही कचरे में आग लगा दी। धुएं और प्रदूषण से राहगीरों का सांस लेना दूभर हो गया।

​ बेकाबू यातायात और चालकों की मनमानी

​त्यौहारी सीजन में बाजार में बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुगम यातायात की दरकार थी, लेकिन तीन पहिया वाहन चालकों की मनमानी और प्रशासनिक अनदेखी के चलते शहर के प्रमुख मार्गों पर बार-बार जाम की स्थिति निर्मित होती रही। 

मुद्दे की बात

दीप पर्व पर जहां शहर को जगमगाने और स्वच्छ बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे, वहीं नगर निगम और बिजली कंपनी की इस ढिलाई ने त्यौहार की खुशियों पर खलल डाल दिया है। क्या जिम्मेदार अधिकारी इस अव्यवस्था पर कोई संज्ञान लेंगे या त्यौहार के बाकी दिन भी शहरवासियों को इन्हीं मुसीबतों के बीच गुजारने पड़ेंगे?