मजदूरी करने की बात पर पति ने पत्नी की कुल्हाड़ी मार मारकर की थी हत्या
⚫ न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई
⚫ चिकित्सकीय साक्ष्य बनी आधार
हरमुद्दा
रतलाम 18 दिसंबर। मजदूरी के लिए मना करने के बावजूद पत्नी बार-बार मजदूरी करने के लिए चली जाती थी। इसी बात से नाराज होकर पति ने पत्नी की कुल्हाड़ी से मार कर हत्या कर दी थी l आरोपी को तृतीय सत्र न्यायाधीश बरखा दिनकर ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रकरण का निराकरण 14 माह में किया गया।

अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अभिभाषक सतीश त्रिपाठी
अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अभिभाषक सतीश त्रिपाठी ने हरमुद्दा को बताया कि घटना सैलाना थाना अंतर्गत ग्राम डोकरिया कुंड की हैl घटना दिनांक 14 जून 2024 को सुबह 4:00 बजे आरोपी प्रभु भगोरा पिता देवा भगोरा उम्र 50 वर्ष ने अपनी पत्नी सुंदर बाई की कुल्हाड़ी से हत्या की थी। मृतिका के पुत्र सत्यनारायण ने पुलिस को सूचना दी थी। उसने बताया था कि उसके पिता आरोपी ने मोबाइल पर उसे बताया था की मृतिका उसके बार-बार मना करने के बावजूद मजदूरी करने के लिए बाहर चली जाती है और इसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। मृतिका ने आरोपी को गाल पर काट लिया था। इस पर उसने घर में रखी उल्टी कुल्हाड़ी वह उसके हफ्ते से मृतिका को सिर पर व दोनों पैरों पर मारा था जिससे उसकी मृत्यु हो गई। इसी आधार पर पुलिस द्वारा अपराध धारा 302 भारतीय दंड संहिता का पंजीबद किया गया था।
चिकित्सकीय साक्ष्य बनी आधार
मामले में अभियोजन द्वारा कुल 12 साक्षी के कथन करवाए गए थे, जिसमें मृतिका के पुत्र सहित चार अन्य साक्षी पक्षद्रोही घोषित किए गए। मृतिका का पोस्टमार्टम के दौरान उसके शरीर पर 11 प्रकार की चोट पाई गई थी। घटना के दौरान आरोपी को भी चोट आई थी, जिसे अभियोजन द्वारा प्रमाणित करवाया गया। डॉक्टर ने मृत्यु का कारण शरीर पर चोट आना बताया था। विचारण के पश्चात न्यायालय ने आरोपी प्रभु को दोषसिद्ध मानते हुए आजीवन सश्रम कारावास एवं ₹5000 के अर्थदंड की सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने की l
Hemant Bhatt