सीईओ जिला पंचायत का औचक निरीक्षण: संजीवनी क्लिनिक में मिलीं एक्सपायरी दवाइयां
⚫ स्वास्थ्य केंद्रों की दावों की खुली पोल
⚫ गर्भवती महिलाओं के पंजीयन में भी भारी लापरवाही
हरमुद्दा
रतलाम, 3 जुलाई। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सुश्री वैशाली जैन द्वारा किए गए औचक निरीक्षण ने शहरी स्वास्थ्य केंद्रों की दावों की पोल खोलकर रख दी है। दिलीप नगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और जवाहर नगर स्थित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक में निरीक्षण के दौरान गंभीर कमियां और लापरवाही उजागर हुई हैं, जिसके बाद सीईओ ने कड़ी नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार स्टाफ को फटकार लगाई।

संजीवनी क्लिनिक में मरीजों की जान से खिलवाड़, मिलीं एक्सपायरी दवाइयां
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी और गंभीर लापरवाही मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक जवाहर नगर में सामने आई, जहां मरीजों को बांटी जाने वाली दवाइयों के स्टॉक में एक्सपायरी डेट (अवधि पार) की दवाइयां पाई गईं। सरकारी क्लिनिक में इस तरह एक्सपायरी दवाइयों का मिलना मरीजों की जान के साथ सीधे खिलवाड़ को दर्शाता है। सीईओ सुश्री जैन ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए दवाइयों के उचित संधारण (मैनेजमेंट) और एक्सपायरी दावइयों को नियम अनुसार तुरंत नष्ट (विनष्टीकरण) करने के कड़े निर्देश दिए।
गर्भवती महिलाओं के पंजीयन में लापरवाही, लक्ष्य से पीछे मैदान कार्यकर्ता

शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के मैदानी अमले की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य दावों की एक और बड़ी नाकामी सामने आई। क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं के पंजीयन की स्थिति लक्ष्य के अनुरूप बेहद खराब पाई गई। अनमोल पोर्टल पर एंट्री से लेकर महिलाओं की समय पर होने वाली चार प्रमुख स्वास्थ्य जांचों और प्रसव की अनुमानित तिथि (EDD) के रिकॉर्ड में लापरवाही दिखी।
दी कड़ी हिदायत
सीईओ ने एएनएम (ANM) और शहरी आशा कार्यकर्ताओं को कड़ी हिदायत दी है कि वे पूरे क्षेत्र में घर-घर भ्रमण करें और शत-प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन कर उन्हें जरूरी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएं।
कमियों पर बना 'निरीक्षण पंचनामा', सिकल सेल जांच के निर्देश

कार्य की खराब गुणवत्ता और स्टाफ की ढुलमुल कार्यशैली को देखते हुए मौके पर ही कर्मचारियों के निर्धारित दायित्वों के आधार पर 'निरीक्षण पंचनामा' तैयार किया गया, जिससे लापरवाह कर्मचारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। इसके साथ ही सीईओ ने निम्नलिखित सुधारों के लिए भी कड़े निर्देश जारी किए:
गर्भवती महिलाओं की सिकल सेल एनीमिया की अनिवार्य जांच की जाए। नवजात शिशुओं की गृह भेंट आधारित (HBNC) देखभाल सुनिश्चित हो। गैर संचारी रोग (NCD) नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आवश्यक चिकित्सा सेवाएं बिना रुकावट दी जाएं।

व्यवस्था सुधारने की चेतावनी
निरीक्षण के दौरान जिला कार्यक्रम प्रबंधक अर्चना राठौर, उप जिला विस्तार अधिकारी सरला वर्मा सहित दोनों केंद्रों के चिकित्सा अधिकारी और फार्मासिस्ट उपस्थित थे, जिन्हें व्यवस्थाएं तत्काल सुधारने की अंतिम चेतावनी दी गई है।
Hemant Bhatt