महिलाओं के भ्रष्टाचार और बढ़ते अपराध पर सरकार ही नहीं संस्कार के अंकुश जरूरी

महिलाओं के भ्रष्टाचार और बढ़ते अपराध पर सरकार ही नहीं संस्कार के अंकुश जरूरी

भारतीय जनता पार्टी मप्र की पैनलिस्ट एवं नीमच नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चौपड़ा ने कहा

⚫ नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर हुई पत्रकार-वार्ता

हरमुद्दा
रतलाम 14 अप्रैल। भारतीय जनता पार्टी मप्र की पैनलिस्ट एवं नीमच नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चौपड़ा ने मंगलवार को भाजपा कार्यालय में ‘नारी शक्ति वंदन‘ अधिनियम को लेकर आयोजित पत्रकार-वार्ता में प्रश्न के जवाब में कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं द्वारा किया जाए रहे भ्रष्टाचार और हो रहे अपराध पर कानून एवं सरकारों का नियंत्रण ही नहीं अपितु संस्कारों का अंकुश भी जरूरी है। पाश्चात्य संस्कृति को छोड़कर भारतीय संस्कारों को अपनाना होगा। 

श्रीमती चौपड़ा ने कहा पहले मध्य प्रदेश में 1000 पुरुषों पर 911 महिलाएं थी। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना आदि के माध्यम से जागृति आई है और आंकड़ा बढ़कर अब 940 हो गया है। 

कांग्रेस ने नहीं किया प्रयास

नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश का भाग्य बदलने वाला कानून बनेगा। यह अधिनियम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम अध्याय लिखेगा। आजादी के बाद से महिलाओं को देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में आरक्षण दिए जाने की मांग समय-समय पर की जाती रही है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने कभी आरक्षण दिलाने का प्रयास नहीं किया। भाजपा ने नारी सशक्तिकरण के सदैव प्रयास किए है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जब लोकसभा, विधानसभा और अन्य सरकारों में महिलाएं शामिल होगी, तो सही अर्थों में भारत सशक्त होकर महिला सुरक्षा के सारे उपायों को साकार करेगा।  

पति करते हैं निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को आगे बढ़ाने में सहयोग

जिले और प्रदेश में कई सारी महिलाएं पार्षद, सरपंच, जिला पंचायत अध्यक्ष सहित अन्य पदों पर काबिज है मगर सभी कार्य पति ही करते हैं। हां बात सही है मगर पति उनको आगे बढ़ाने में सहयोग करते हैं। 

पता नहीं राज्य मंत्री को करना पड़ा इंतजार

प्रश्न जवाब में कहा कि पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं। प्रति प्रश्न कि जब प्रशिक्षण आयोजित किए जाते तो उन्हें पॉवर क्यों नहीं पता है। रतलाम में राज्य मंत्री (जिला पंचायत अध्यक्ष रतलाम) कलेक्टर कार्यालय में सीढ़ियों पर इंतजार करना पड़ा? इस बात पर श्रीमती चौपड़ा ने कहा इसकी जानकारी मुझे नहीं है। उन्हें बताया गया कि यदि राज्य मंत्री को उनके पॉवर पता होते तो कलेक्टर को अपने कार्यालय बुलाते, मगर ऐसा नहीं हुआ। मुस्कुरा के जवाब टाल दिया।

प्रधानमंत्री वाजपेई ने भी किए थे प्रयास संसद और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण के

श्रीमती चौपड़ा ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में महिलाओं को संसद और राज्यों की विधानसभाओं में आरक्षण दिलाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब विपक्षी दलों के विरोध के कारण बिल पास नहीं हो सका। श्रद्धेय अटल जी के समय महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाले सभी दल आज भी कांग्रेस के साथ खड़े हैं। कांग्रेस पार्टी की नीतियां कितनी महिला विरोधी हैं, इसका प्रमाण है शाहबानो मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय को कांग्रेस की तत्कालीन केंद्र सरकार ने संसद में कानून बनाकर पलट दिया था। प्रधानमंत्री मोदी जी ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का कानून बनाकर देश की आधी आबादी के प्रति भाजपा के सम्मान और दृढ़ इच्छा शक्ति को प्रदर्शित किया है।

देश का भाग्य बदलने की क्षमता

श्रीमती चौपड़ा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन कानून के रूप में हम सभी एक ऐसे ऐतिहासिक निर्णय का साक्षी बनने जा रहे हैं, जिसमें देश का भाग्य बदलने की क्षमता होती है। जिस बात का देश को पिछले कई दशकों से इंतजार था, वो सपना अब साकार हो रहा है। ये पूरे देश के लिए बहुत ही खास समय तो है ही, साथ ही यह मातृशक्ति के लिए भी अविस्मरणीय क्षण है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ केवल एक कानून नहीं, बल्कि सदियों से प्रतीक्षित उस सामाजिक न्याय की प्रतिज्ञा है, जिसे प्रधानमंत्री ने धरातल पर उतारा है। यह विधेयक महिलाओं को केवल वोट बैंक समझने वाली मानसिकता को ध्वस्त कर उन्हें नीति-निर्धारण और नेतृत्वकारी भूमिका में बैठाने का ऐतिहासिक काम करेगा। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की उस गारंटी का प्रमाण है, जिसने दशकों से राजनीति के हाशिये पर खड़ी भारत की बेटियों को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार देकर उन्हें राष्ट्र का भाग्य विधाता बना दिया है। देश की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला कानून महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन लाएगा।

नारी के सम्मान और अधिकार के लिए नहीं किया कांग्रेस ने कोई कार्य

श्रीमती चौपड़ा ने कहा कि आजादी के बाद देश में वर्षों तक शासन करने वाली कांग्रेस ने नारी शक्ति के सम्मान व अधिकार देने के लिए कोई कार्य नहीं किया। नारी शक्ति वंदन कानून बनाकर प्रधानमंत्री श्री जी देश की आधी आबादी की मन की बात को पूरा कर दिया है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश की संसद में वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित किया गया था। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद वर्ष 2023 में यह कानून बन गया था। प्रधानमंत्री जी ने अगली जनगणना और उसके बाद पूर्ण परिसीमन के बाद नारी शक्ति वंदन कानून को लागू करने का निर्णय लिया था। लेकिन कोविड के कारण जनगणना में हुई देरी से यह नहीं हो सका। महिलाओं को आरक्षण दिलाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की दृढ़ निश्चय और प्रतिबद्धता ही है कि इस कानून को लागू कराने के लिए 16, 17 एवं 18 अप्रैल को देश की संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। प्रदेश में भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार नगरीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण पहले से प्रदान कर रही है। देश की संसद और राज्यों के विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, तो महिलाएं देश को आत्मनिर्भर बनाने में अभूतपूर्व योगदान देने में पीछे नहीं रहेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी योजनाओं के जरिए भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहे हैं। उज्ज्वला योजना में सवा दस करोड़ महिलाओं को घरेलू गेस का कनेक्शन मिल चुका है। प्रधानमंत्री जनधन योजना में 56 प्रतिशत बैंक खाते महिलाओं के हैं। देशभर में 35 करोड़ महिलाओं को मुद्रा लोन दिलाया जा चुका है।

यह थे मौजूद

पत्रकार-वार्ता के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, जिला उपाध्यक्ष अनिता कटारिया, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष पूनम पटवा, जिला महामंत्री अनिता पाहूजा, जिला मीडिया प्रभारी अरूण त्रिपाठी, सह प्रभारी निलेश बाफना मंचासीन रहे। संचालन अरूण त्रिपाठी ने किया। आभार नीलेश बाफना ने माना।