फैसला : जानलेवा हमला करने वाले आरोपी दरियाब सिंह को 4 वर्ष की जेल
⚫ मामला अक्टूबर 2024 का
⚫ तलवार से किया था आरोपी ने हमला
हरमुद्दा
रतलाम, 16 जुलाई। जान से मारने की नीयत से तलवार से हमला कर गंभीर रूप से घायल करने वाले एक आरोपी को न्यायालय ने कड़ी सजा सुनाई है। अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने आरोपी दरियाब सिंह को दोषी पाते हुए 4 वर्ष के सश्रम कारावास और दो हजार रुपए के अर्थदंड (जुर्माने) से दंडित किया है।

अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने हरमुद्दा को घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मामला रावटी थाना क्षेत्र के ग्राम चैनपुरा का है। 23 अक्टूबर 2024 को फरियादी दिनेश (पिता अंबाराम गुर्जर) ने थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, 22 अक्टूबर 2024 की रात करीब 11:00 बजे उसके पिता अंबाराम घर के बाहर पलंग पर लेटे हुए थे। इसी दौरान उनके काका का लड़का दरियाब सिंह उर्फ दीराब सिंह (पिता वासनलाल गुर्जर) हाथ में नंगी तलवार लेकर वहां पहुंचा। आरोपी दरियाब सिंह ने अंबाराम को अपशब्द बोलते हुए कहा कि "तुम गांव के लोगों को मेरे खिलाफ भड़काते हो।" इसके बाद उसने जान से मारने की नीयत से अंबाराम के सिर पर तलवार से जोरदार हमला कर दिया।
गंभीर हालत में किया गया था रेफर
हमले के बाद अंबाराम के सिर से खून बहने लगा। शोर सुनकर फरियादी दिनेश, उसकी मां रेशम बाई और अंकल प्रहलाद सिंह सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे, जिन्हें देखकर आरोपी भाग निकला। परिजन घायल अंबाराम को तुरंत इलाज के लिए रावटी अस्पताल ले गए, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रतलाम रेफर कर दिया था।
पुलिस की जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य
फरियादी दिनेश की शिकायत पर रावटी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धारा 296 और 109 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने:
⚫ आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई तलवार जब्त की।
⚫ घटनास्थल से पीड़ित अंबाराम की खून से सनी हुई गादी बरामद की।
⚫ मेडिकल जांच के दौरान एक्स-रे और सीटी स्कैन रिपोर्ट में आहत के दाहिने हाथ की कोहनी पर फ्रैक्चर (अस्थिभंग) पाए जाने पर मामले में धारा 115(2) और 117(2) BNS का इजाफा किया गया।
न्यायालय का फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष अकाट्य मौखिक साक्ष्य, दस्तावेजी प्रमाण और वैज्ञानिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों और सबूतों से सहमत होते हुए आरोपी दरियाब सिंह को गंभीर चोट पहुंचाने का दोषी पाया और उसे 4 वर्ष के कारावास व ₹2,000 के जुर्माने की सजा से दंडित किया। मामले में अभियोजन की ओर से सशक्त पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान द्वारा की गई।
Hemant Bhatt