स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण में कलेक्टर सख्त, सुधार की कवायद
⚫ लापरवाह कर्मचारियों को नोटिस
⚫ टीआईटी रोड पर अब बैठेंगे नियमित डॉक्टर
⚫ मैदानी कर्मचारियों की लेटलतीफी और कार्य में लापरवाही पर कसी लगाम
हरमुद्दा
रतलाम, 3 जुलाई। जिले के शहरी स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए कलेक्टर मिशा सिंह ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्थाओं में मिली खामियों पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए लापरवाह कर्मचारियों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मैदानी अमले की हाजिरी को लेकर भी कड़े निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर ने शहर के टीआईटी (TIT) रोड स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और दीनदयाल नगर स्थित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लीनिक का दौरा किया था।

डॉक्टरों का रोस्टर होगा चस्पा, टीआईटी रोड को मिलेगा नियमित चिकित्सक
टीआईटी रोड स्वास्थ्य केंद्र पर निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नियमित चिकित्सक की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए सभी केंद्रों पर डॉक्टरों का 'ड्यूटी रोस्टर' दीवार पर अनिवार्य रूप से चस्पा करने को कहा गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति का बोर्ड भी अपडेट रखने के निर्देश दिए गए हैं।

'सार्थक ऐप' से तैनाती वाले केंद्र पर ही लगेगी हाजिरी
मैदानी कर्मचारियों की लेटलतीफी और कार्य में लापरवाही पर लगाम कसते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अब शहरी क्षेत्र में कार्यरत मैदानी कर्मचारियों की उपस्थिति 'सार्थक ऐप' के माध्यम से जिला चिकित्सालय के बजाय उनके संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर ही दर्ज की जाएगी।

गर्भवती महिलाओं की जांच और 'आभा आईडी' पर विशेष जोर
कलेक्टर ने अस्पताल में ओपीडी की संख्या, दवाओं के स्टॉक, पेयजल और साफ-सफाई की बारीकी से पड़ताल की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अमले को निर्देश दिए:
⚫ हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं की जांच सुनिश्चित की जाए और उन्हें आयरन सुक्रोज लगाया जाए।
⚫ सभी गर्भवती महिलाओं का 'अनमोल पोर्टल' पर शत-प्रतिशत रजिस्ट्रेशन किया जाए।
⚫ अस्पताल आने वाले हर मरीज की डिजिटल 'आभा आईडी' (ABHA ID) बनाई जाए।
⚫ दवाओं के स्टॉक और टीकाकरण रजिस्टर का व्यवस्थित संधारण किया जाए।
यह थे मौजूद
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. किरण वाडिया, शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. गौरव बोरीवाल सहित अन्य चिकित्सक, एलएचवी (LHV), एएनएम (ANM) और आशा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Hemant Bhatt