धर्म संस्कृति : जीवन को निर्विघ्न बनाने का मार्ग सकारात्मक चिंतन
⚫ राजयोगी आत्मप्रकाश भाई ने कहा
⚫ दिव्य दर्शन भवन डोंगरे नगर में आयोजन
हरमुद्दा
रतलाम, 27 फरवरी। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के डोंगरे नगर स्थित दिव्य दर्शन भवन सेवा केंद्र पर “सकारात्मक चिंतन द्वारा अपने जीवन को निर्विघ्न कैसे बनाएं” विषय पर एक विशेष राजयोग क्लास का आयोजन किया गया।

माउंट आबू (राजस्थान) मधुबन से आए ब्रह्माकुमारीज के मीडिया प्रभाग के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं ज्ञान अमृत पत्रिका के संपादक ब्रह्माकुमार आत्म प्रकाश भाई ने सभी भाई-बहनों को सकारात्मक चिंतन की गहनता एवं उसकी जीवन में उपयोगिता के बारे में विस्तारपूर्वक समझाया।
जीवन जीने की कला है चिंतन
आत्मप्रकाश भाई जी ने कहा कि सकारात्मक चिंतन केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक श्रेष्ठ कला है। जब मनुष्य अपने विचारों को सकारात्मक दिशा देता है, तो जीवन की अनेक समस्याएं स्वतः ही सरल हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि नकारात्मक विचार हमारे मन की शक्ति को कमजोर करते हैं, जबकि सकारात्मक चिंतन हमारे आत्मबल को बढ़ाकर जीवन को निर्विघ्न और सुखमय बनाता है।
राजयोग ध्यान के नियमित अभ्यास से विचारों पर नियंत्रण संभव
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि राजयोग ध्यान के नियमित अभ्यास से मनुष्य अपने विचारों पर नियंत्रण प्राप्त कर सकता है और परिस्थिति चाहे कैसी भी हो, वह आंतरिक शांति एवं स्थिरता बनाए रख सकता है। सकारात्मक चिंतन से व्यक्ति अपने जीवन की बाधाओं, तनाव एवं समस्याओं को सहज रूप से दूर कर सकता है और अपने जीवन में सुख, शांति एवं सफलता का अनुभव कर सकता है।
विचारों की गुणवत्ता पर भी ध्यान देना जरूरी
आत्म प्रकाश भाई जी ने कहा कि आज के समय में मनुष्य बाहरी परिस्थितियों से अधिक अपने विचारों के कारण परेशान होता है। यदि हम अपने विचारों को श्रेष्ठ, शक्तिशाली एवं सकारात्मक बना लें, तो जीवन में आने वाली हर चुनौती का सामना सहजता से किया जा सकता है। उन्होंने सभी भाई-बहनों को प्रतिदिन कुछ समय राजयोग ध्यान का अभ्यास करने एवं अपने विचारों की गुणवत्ता पर ध्यान देने की प्रेरणा दी।
इन्होंने भी किए विचार व्यक्त
कार्यक्रम में न्यूयार्क से आए ब्रह्माकुमार अरुण पटेल जो कि IBM कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। ब्रह्माकुमार ओमप्रकाश व ब्रह्माकुमार संजय भाई ने भी विचार व्यक्त किए।
किया स्वागत
इंदौर से आई ब्रह्माकुमारी अनिता दीदी ने आत्म प्रकाश भाई का स्वागत किया। डॉ. दिलीप नलगे एवं श्रीनाथ योगी द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी भाई-बहनों ने इस ज्ञानवर्धक क्लास का लाभ उठाया और सकारात्मक चिंतन द्वारा जीवन में परिवर्तन लाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में शिवध्वज फहराया गया।सेवाकेंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने अतिथियों का आभार माना।
Hemant Bhatt