धर्म संस्कृति : मंत्र मे महत्वपूर्ण मन की एकाग्रता होती है 

धर्म संस्कृति : मंत्र मे महत्वपूर्ण मन की एकाग्रता होती है 

डॉ. संयमलता म सा ने कहा

⚫ भगवान वासुपूज्य स्वामी के जाप का हुआ अनुष्ठान

हरमुद्दा
रतलाम, 7 अगस्त। रास्ते को किलोमीटर से, बुखार को थर्मामीटर से, दुख को लीटर से, मन को मृत्यु के मीटर से मापा जा सकता है। एक लाख नवकार मंत्र का जाप करने के बाद मनुष्य नरक गति में नहीं जाता।  हमेशा मृत्यु को निकट मानो, मंत्र को घोष के साथ उच्चारण करना चाहिए। नवकार मंत्र के प्रत्येक पद पर हमारा मन कैसे लगे, इसके लिए एक प्रयोग या उपाय करो। इस मंत्र को उल्टा करके पढ़ो । पढम हवाई मंगलम से नमो अरिहंताणं तक, इससे हमारी एकाग्रता बढ़ेगी एवं मंत्र प्रभावी बन पाएगा।

यह विचार नीमचौक जैन स्थानक पर आयोजित धर्मसभा मे जैन दिवाकरीय महासती डॉ संयमलता म सा ने व्यक्त किये । आपने कहा की सीधा मंत्र रटा रटाया है,  अत: जाप में मन नही लगता है। लेकिन उल्टा जाप करोगे तो निश्चित एकाग्रता बढ़ेगी, मन लगेगी।  मंत्र मे महत्वपूर्ण मन की एकाग्रता है, वाल्मिकी राम राम का जाप करते करते मरा मरा रटने लगे लेकिन श्रद्धा भक्ति और तन्मयता पूरी थी, इसलिये उन्हें समुचित फल मिला । श्रद्धा से और एकाग्रता से मंत्र का उच्चारण करे तो चोर डाकु का भी
बेड़ा पार हो सकता है फिर आप श्रावक श्राविका हो, आप भी सफल हो सकते हो बस मन मे श्रद्धा  होना चाहिये। भगवान महावीर ने कहा है एक वक्त मे एक ही काम करो । चल रहे हो तो केवल चलने में ध्यान रखो। भोजन कर रहे हो तो भोजन करो। भजन के वक्त केवल भजन करो।

फिर भी हमारा मुंह फूल जाता 

पूज्याश्री संयमलता जी मसा ने फरमाया, छोडो सारी बला हम सिखाते है जीवन जीने की कला। बच्चा गर्भ में आता है तो नौ महीने मे हाथ, पाँव,  आंख, कान, नाक, त्वचा प्रकृति प्रदान कर देती है  लेकिन  90 वर्ष की आयु मे भी यह नही सीख पाते कि इनका इस्तेमाल  कैसे करे, आँख से गुरु के दर्शन, कान से भजन श्रवण, जीभ से मीठे बोल, हाथ से दान और पैर से मंदिर या स्थानक जाओ। लड़किया कुकिंग, मेहंदी, सिलाई, बुनाई सब कुछ सीखती है लेकिन जीवन जीने की कला नही सीखती। जीवन गुनगुना कर भी जीया जा सकता है और भुनभुना कर भी अब ये आपके ऊपर निर्भर है कि आप कैसे जीना चाहते है। इडली को फूलने तो फिर भी 15 मिनिट लगते है लेकिन हमारा मुँह तो एक सेकंड में फूल जाता है। 

मास क्षमण पूर्ण होने पर किया बहुमन

बहुमान करते हुए

मीडिया प्रभारी नीलेश बाफना ने बताया कि धर्मसभा में छाया राजेश झामर के मासक्षमण पूर्ण होने पर श्रीसंघ महिला मंडल एवं बहु मण्डल द्वारा बहुमान किया गया। बहुमान पत्र का वाचन अमृत कटारिया एवं संचालन विनोद बाफना ने किया। धर्मसभा में वासुपूज्य स्वामी के जाप का अनुष्ठान रखा गया। अनुष्ठान एवं पद्मावती देवी के एकासन के लाभार्थी प्रभावती देवी पन्नालाल आशीष कटारिया परिवार रहे। इस अवसर पर अजय खीमेसरा,  महेंद्र बोथरा, मणिलाल कटारिया, सुरेश कटारिया, प्रेमकुमार मोगरा, विजय कटारिया, विजय पटवा, वीरेंद्र कटारिया, पारस मेहता, राजकुमारी पोखरना, रीना गाँधी आदि सदस्य उपस्थित थे।