धर्म संस्कृति : भीषण गर्मी में प्रभु की अगवानी में मेघ-पवनदेव ने ऑन किया सेंट्रल एसी

धर्म संस्कृति : भीषण गर्मी में प्रभु की अगवानी में मेघ-पवनदेव ने ऑन किया सेंट्रल एसी

रथयात्रा के साथ सागोद तीर्थ में मंगल प्रवेश

⚫ बंधु बेलड़ी आचार्यश्री की निश्रा में होगी अंजन शलाका प्रतिष्ठा

हरमुद्दा
रतलाम, 4 मई। उत्साह, उमंग और उत्सव के बीच प्राचीन सागोद तीर्थ अंजन शलाका प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर भव्य प्रवेश रथयात्रा के साथ उपकारी प्रभु एवं बंधु बेलड़ी आचार्यश्री आदि ठाणा 40 का तीर्थ भूमि पर मंगल पदार्पण हुआ। भीषण गर्मी से राहत देने के लिए महोत्सव में स्वयं इंद्र - मेघ देवता ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। ग्यारह दिनी महोत्सव में देशभर से समाजजन इस बहुप्रतीक्षित प्रसंग में साक्षी - सहभागी बनने के लिए रतलाम पहुंच रहे है। जहां शनिवार को अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस था माही रविवार को 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बादलों के कारण गर्मी जहां काम रही वहीं हवा ने काफी राहत पहुंचाई। तापमान में 3.9 डिग्री सेल्सियस की कमी हुई।

श्री वीसा पोरवाल जैन श्वेताम्बर तीर्थ ट्रस्ट सागोदिया ट्रस्ट द्वारा आयोजित महोत्सव के पांचवे दिन रथयात्रा - प्रवेश चल समारोह को बंधु बेलड़ी आचार्य श्री जिन-हेमचन्द्रसागर सूरीश्वर जी म.सा, आचार्य श्री मुक्तिप्रभसूरी जी म.सा, आचार्य श्री प्रसन्नचन्द्रसागर सूरिजी म.सा, आचार्य श्री विरागचन्द्रसागर सूरिजी म.सा, आचार्य श्री पदमचन्द्रसागर सूरिजी म.सा, आचार्य श्री आनंदचन्द्रसागर सूरिजी आदि श्रमण श्रमणी वृंद ने निश्रा प्रदान की। प्रतिष्ठा समारोह के स्वागत अध्यक्ष - केबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय आदि वरिष्ठजन रथयात्रा में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। रथयात्रा लाभार्थी लीलादेवी वरदीचंद वरुण पोरवाल परिवार ने आचार्यश्री एवं अतिथि की अगवानी की ।

विशाल ट्रालों में विराजे 15 देवी देवता

अगवानी में निकाली गई भव्य रथ यात्रा

शहर के प्रमुख व्यवसायिक क्षेत्र मोतीपूज्य जी मन्दिर चौमुखीपुल से आरम्भ होकर रथयात्रा घांस बाजार, डालू मोदी बाजार, रानीजी मन्दिर,चांदनी चौक, लक्कड़ पीठा होकर सागोद तीर्थ पहुंची । मार्ग में श्री वीसा पोरवाल नवयुवक मंडल, चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स, अंतर्राष्ट्रीय वैश्य फाउंडेशन सहित अन्य सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं ने मार्ग में स्वागत किया। तीर्थ ट्रस्ट के पदाधिकारी व सदस्य, नवयुवक मंडल सफेद वेशभूषा और साफे में जबकि महिला मंडल गुलाबी रंग की पौषक में मंगल कलश और परमात्मा को लिए चल रही थी। दो बड़े विशाल ट्रालों में देवी देवता की 15 प्रतिमाएं लिए लाभार्थी परिवार शामिल हुए। जिनकी तीर्थ में प्रतिष्ठा होना है । प्रतिष्ठा महोत्सव में दीक्षा लेने जा रहे मुमुक्षु धर्मेश पिछोलिया बग्घी में सवार रहे। सम्पूर्ण मार्ग में रंगोलियाँ सजाते हुए जगह जगह समाजजनों ने गहुली की। रथयात्रा लाभार्थी लीलादेवी वरदीचंद वरुण पोरवाल परिवार ने मार्ग में स्वागत - वन्दन और सुविचार के होर्डिंग लगाकर सजावट की थी। रथयात्रा के प्रमुख आकर्षण में रथ, हाथी पर दादा आदिनाथ जी की प्रतिकृति, हाथों केसरिया और बहुरंगी पताकाएं लिए अश्वरोही दल, बालिकाएं - महिलाएं, गुजरात के शहनाई वादक दल, ढोल ताशा, बडनगर के मशहूर बैंड आदि आकर्षण रहें।

पूर्वजों का सपना नई पीढ़ी ने किया साकार 


सागोद तीर्थ परिसर में बंधु बेलड़ी आचार्य श्री ने व्याख्यान में कहा कि वर्षो की प्रतीक्षा के बाद यह मंगल घड़ी आयी है, जब यंहा विराजित 175 वर्ष प्राचीन दादा आदिनाथ अब एक नवनिर्मित देरासर में विराजेंगे। पूर्वजों के सपने को नई पीढ़ी ने साकार किया है। रतलाम को यंहा के प्राचीन जैन तीर्थो ने देश दुनिया में विशेष पहचान दी है, इसी क्रम में अब सागोद तीर्थ का नाम जुड़ने जा रहा है। इस तीर्थ के निर्माण में वीसा पोरवाल समाज ने परमात्मा की भक्ति के रूप में दिनरात मेहनत की है। इस तीर्थ जीर्णोद्धार से समाज में जाग्रति आयी है। आचार्य श्री प्रसन्नचन्द्रसागर सूरिजी म.सा,आचार्य श्री विरागचन्द्रसागर सूरिजी म.सा, आचार्य श्री आनंदचन्द्रसागर सूरिजी म.सा. ने भी व्याख्यान दिए।

तीर्थ का शिल्प - भव्यता नई पहचान देगा

कैबिनेट मंत्री काश्यप संबोधित करते हुए

मंत्री चेतन्य काश्यप ने स्वागत उदबोधन में कहा कि वीसा पोरवाल समाज के लिए बड़ा महत्वपूर्ण प्रसंग है।आचार्य श्री बंधु बेलड़ी की प्रेरणा एवं आचार्य श्री प्रसन्नचन्द्रसागर सूरिजी म.सा. के निरंतर मार्गदर्शन में तीर्थ के जीर्णोद्धार और प्रतिष्ठा का अवसर आया है। इसके शिल्प - भव्यता से नई पहचान बनेगी। समाज की जाग्रति से भव्य प्रतिष्ठा होने जा रही है। आज का युग शिल्प युग है। आपने बताया की 175 वर्ष प्राचीन इस तीर्थ की मेरे नाना और दादा- दादी जस्सू पन्ना परिवार के योगदान से इसकी व्यवस्था चलती रही। आचार्य श्री बंधु बेलड़ी की निश्रा में अयोध्यापुरम सुमेरु नवकार तीर्थ गुजरात, महाराष्ट्र और मालवा में जगह तप आरधना और देरासर निर्माण के महत्वपूर्व कार्य हुए है। इसका लाभ रतलाम को भी मिला है। आपने आशीर्वाद से हम संस्कारित और संगठित समाज के रूप में आगे बढ़ रहे है।

सोमवार को होंगे विविध पूजन

कार्यकम में वरिष्ठ सदस्य सुरेन्द्र पोरवाल,वीरेंद्र पोरवाल, डॉ.अभय जैन, राजकुमार जैन,मणिलाल पोरवाल,अचलचंद देवसूरीवाला,ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष निलेश पोरवाल, सचिव दिलेश पोरवाल,कोषाध्यक्ष नरेंद्र काकडीवाला, मंगल जगावत एवं वरुण पोरवाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। रविवार को स्वामी वात्सल्य के लाभार्थी दिलेश कुमार फकीरचंद पोरवाल परिवार थे। महोत्सव में शामिल होने के लिए देशभर से समाजजन रतलाम पहुंच रहे है। महोत्सव के छठे दिन 5 मई को जलयात्रा, मंगल कुम्भ, दीपक स्थापना, क्षेत्रपाल पूजन, वैदिक पूजन, लघु नंदावर्त पूजन, दशदिकपाल पूजन, नवग्रह पूजन, अष्ट मंगल पूजन, सौलह विधादेवी एवं लघु सिद्धचक्र पूजन रात्रि में भक्ति सहित विभिन्न आयोजन होंगे।