विचार सरोकार : युवा शक्ति राष्ट्र के पुनर्निर्माण का आधार
यह दिन है संकल्प लेने का, स्वयं को बेहतर बनाने का और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का। यदि हम अपनी ऊर्जा, उत्साह और कल्पनाशीलता का सही उपयोग करें, तो भारत को पुनः 'विश्व गुरु' बनने से कोई नहीं रोक सकता।
⚫ उमा त्रिवेदी
भारत एक ऐसा देश है जिसे 'युवाओं का देश' कहा जाता है। दुनिया की सबसे युवा आबादी हमारे पास है, और यही वह शक्ति है जो भारत को विकासशील से विकसित राष्ट्र बनाने का स्वप्न दिखाती है। राष्ट्रीय युवा दिवस हमें याद दिलाता है कि युवाओं के कंधों पर केवल उनकी स्वयं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का भविष्य टिका है।

युवा दिवस मनाने का सबसे मुख्य उद्देश्य स्वामी विवेकानंद के महान विचारों को युवाओं के जीवन में उतारना है। विवेकानंद मानते थे कि युवा शक्ति ही वह माध्यम है जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उनका प्रसिद्ध नारा "उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए"। आज भी हर उस युवा के लिए मंत्र है जो अपने जीवन में कुछ बड़ा करना चाहता है।
आधुनिक दौर में युवाओं की भूमिका
आज का दौर तकनीक और नवाचार (Innovation) का है। भारतीय युवा न केवल खेलों और राजनीति में, बल्कि विज्ञान, स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी दुनिया का नेतृत्व कर रहे हैं। चाहे वह सिलिकॉन वैली हो या अंतरिक्ष विज्ञान, भारतीय युवाओं की मेधा का लोहा पूरी दुनिया मान रही है।
चुनौतियाँ और समाधान
हालाँकि, आज के युवाओं के सामने कुछ गंभीर चुनौतियाँ भी हैं। मानसिक तनाव, करियर की अनिश्चितता और सोशल मीडिया के दौर में भटकाव आम समस्याएँ बन गई हैं। ऐसे में युवा दिवस हमें यह सिखाता है कि हमें अपनी ऊर्जा को सही दिशा में केंद्रित करना चाहिए। स्वामी जी के अनुसार, "चरित्र निर्माण" ही सबसे बड़ी शिक्षा है। यदि युवा शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से जागरूक और नैतिक रूप से सुदृढ़ होंगे, तो कोई भी बाधा उन्हें रोक नहीं पाएगी अर्थात युवा दिवस महज एक औपचारिक आयोजन नहीं होना चाहिए। यह दिन है संकल्प लेने का, स्वयं को बेहतर बनाने का और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का। यदि हम अपनी ऊर्जा, उत्साह और कल्पनाशीलता का सही उपयोग करें, तो भारत को पुनः 'विश्व गुरु' बनने से कोई नहीं रोक सकता।
पद चिह्नों पर चलने का लें प्रण
"युवा वह है जो हवाओं के रुख को मोड़ने का साहस रखता है।" आइए, इस युवा दिवस पर हम विवेकानंद जी के पद चिह्नों पर चलने का प्रण लें और एक सशक्त भारत का निर्माण करें।
⚫ उमा त्रिवेदी, बैंगलोर कर्नाटक
Hemant Bhatt