स्थितियां चिंताजनक : छात्रावास में एक लीटर दूध में 70 छात्राओं की चाय, कीड़े वाली दाल, अधपकी रोटियां, सोने को बिस्तर नहीं, हरी सब्जी कभी बनी नहीं
⚫ उत्कृष्ट विद्यालय स्कूल जाने की बजाए कलेक्टर कार्यालय में किताबों के बैग टांगे आई छात्राएं
⚫ जिला मुख्यालय पर जनजाति विभाग के छात्रावास की हाल हकीकत सुनाते हुए रो पड़ी छात्राएं
⚫ हटाया जाए छात्रावास की वार्डन को
⚫ समस्याओं का किया जाए समाधान, बोर्ड की परीक्षा में ना हो व्यवधान
हरमुद्दा
रतलाम, 22 जुलाई। छात्रावास में एक लीटर दूध में 70 छात्राओं की चाय, कीड़े वाली पनीली दाल, अधपकी रोटियां, सोने को बिस्तर नहीं, हरी सब्जी कभी बनी नहीं। साफ सफाई के हालत भी बद से बदत्तर है। उत्कृष्ट विद्यालय स्कूल जाने की बजाए कलेक्टर कार्यालय में किताबों के बैग टांगे आई छात्राएं यह व्यथा सुनाने। सुनना तो कलेक्टर को चाहती थी मगर कलेक्टर ही कार्यालय में नहीं मिले। यह स्थिति वास्तव में चिंताजनक है।

एडीएम डॉ. शालिनी श्रीवास्तव को जिला मुख्यालय पर जनजाति विभाग के आदिवासी सीनियर कन्या छात्रावास की हाल हकीकत सुनाते हुए छात्राएं रो पड़ी। छात्राओं का कहना था कि छात्रावास की वार्डन सुगना मइड़ा को हटाया जाए। समस्याओं का समाधान किया जाए। ताकि बोर्ड की परीक्षा में व्यवधान ना हो। एडीएम ने कहा समस्याओं का समाधान होगा। जांच समिति बना दी गई है।
मैडम आने नहीं देगी अभी छात्रावास में
इसके बावजूद छात्राएं वहां से जाने को तैयार नहीं थी। सीमा मुनिया, रानू मइड़ा, सीमा मचार सहित करीब दो दर्जन छात्राओं का यही कहना था कि पहले वार्डन को हटाया जाए और सब सुविधाएं मुहैया करवाई जाए। अभी हम जाएंगे तो मैडम आने नहीं देगी। स्कूल छोड़कर हम कब तक यहां पर आते रहेंगे? समाधान आज के आज होना चाहिए। नवीं से हम 12वीं में आ गए। सालों से हम समस्याएं बताते आ रहे हैं। मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
6 कमरे के हॉस्टल में 70 छात्राएं
6 कमरे के हॉस्टल में 70 छात्राओं को ठहराया जा रहा है। बिस्तर के लिए प्रति छात्रा से 6000 रुपए लिए गए मगर बिस्तर नहीं हैं। इतना ही नहीं समाज सेवी संस्थाओं द्वारा कंबल दिए गए थे, वह भी छीन लिए गए। हम बोर्ड परीक्षा की तैयारी करें या फिर समस्याओं के कारण परेशान होते रहे। पढ़ाई के लिए हम घर, खाना पीना रहन-सहन छोड़कर यहां पर आए हैं मगर यहां पर मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
जनजातीय विभाग के क्षेत्रीय संयोजक ने समझा कर भेजा

छात्राओं को समझाते हुए जनजाति विभाग के क्षेत्रीय संयोजक खींची
जनसुनवाई के दौरान जनजाति विभाग में क्षेत्रीय संयोजक भास्कर खींची भी मौजूद थे। एडीएम ने उन्हें छात्राओं को समझाने के लिए भेजा। श्री खींची ने छात्राओं काफी समझाया कि वह छात्रावास जाए। वहां पर समिति के लोग पहुंच गए हैं। वह बात करेंगे। समाधान हो जाएगा, लेकिन वे जाने को तैयार नहीं थी। उनका यही कहना था कि पहले वार्डन मैडम को वहां से हटाया जाए। इस शर्त पर जाने के लिए तैयार हुई थी समिति वाले जब बात करेंगे, तब वार्डन मैडम वहां पर मौजूद नहीं रहेगी। फिर छात्राएं रवाना हो गई। शाम 4:30 बजे जब एडीएम से हरमुद्दा ने जानकारी चाही तो उनका कहना था कि अभी मौके पर ही मौजूद हैं। कार्रवाई से अवगत कराते हैं।
Hemant Bhatt