धर्म संस्कृति : श्रीराम मंदिर में सात दिनी भागवत ज्ञान गंगा आज से
⚫ गीता मनीषी एवं सूफी संत अज़हर हाशमी को समर्पित होगी कथा
⚫ 700 श्लोकों का पाठ व व्याख्यान भी होगा
हरमुद्दा
रतलाम, 6 अगस्त। शहर के सैलाना रोड स्थित श्रीराम मंदिर पर सात दिनी भागवत ज्ञान गंगा 6 अगस्त से प्रवाहित होगी।
कथा का रसपान अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) के दासानुदास श्यामसखा दास कराएंगे। 12 अगस्त तक चलने वाली यह कथा गीता मनीषी, संत परम्परा के वाहक एवं भारतीय संस्कृति के अध्येता, ओजस्वी वक्ता, प्रखर लेखक, साहित्यकार एवं प्रवचनकार सूफी संत स्व. अजहर हाशमी को समर्पित रहेगी।

इस आयोजन की मुख्य यजमान नंदिनी सक्सेना हैं। कथा का समय शाम छह बजे से रात्रि 9 बजे तक रहेगा। प्रतिदिन कथा के अंत में उपस्थित भक्तों से कथा पर आधारित प्रश्नोत्तरी की जाएगी। सही उत्तर देने वाले 5 प्रतियोगियों को पुरस्कार स्वरूप श्रील प्रभुपाद लिखित आध्यात्मिक पुस्तक दी जाएगी। 13 अगस्त को श्रीमद भागवत गीता के 700 श्लोकों का पाठ व व्याख्यान का आयोजन होगा।
सभी धर्मों की समानता को किया उजागर

प्रोफेसर अज़हर हाशमी
इस कार्यक्रम की प्रेरणा को लेकर के जब नंदिनी सक्सेना से चर्चा की तो उनका कहना था कि अज़हर हाशमी सूफी परंपरा के होते हुए उन्होंने समाज को सर्वधर्म समभाव का संदेश दिया। उन्होंने सारे धर्म के अलग-अलग पथ होने के बाद भी उन्होंने सभी की समानता को उजागर किया। उन्हें भगवत गीता का गहरा ज्ञान था। उन्होंने गीता के माध्यम से जो संदेश दिया उसमें तीन योग ज्ञान, भक्ति व कर्मयोग का समावेश किया। इसमें उन्होंने भक्ति मार्ग को सर्वोपरि माना। उनका कहना था कि भक्ति से भगवान को प्राप्त किया जा सकता है। उनके इसी संदेश को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य को लेकर यह आयोजन किया जा रहा है। इसे सफल बनाने में विद्यार्थी परिवार व साहित्य जगत का विशेष योगदान रहेगा।

एकाग्र मन से कथा को श्रवण करें
अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) के दासानुदास श्यामसखा दास ने बताया कि श्रीमदभागवत का एकनिष्ठ और एकाग्र मन से श्रवण करने से श्रीकृष्ण प्रेम प्राप्त होता है।परीक्षित महाराज मात्र श्रवण करके मुक्त हो गए और श्रील शुकदेव गोस्वामी मात्र कथा का कीर्तन करके मुक्त हो गए। इस कलियुग में तीन-चार घंटे बैठकर कथा श्रवण करना भी किसी तपस्या से कम नहीं है। जीवन का मूल लक्ष्य ही कृष्ण प्रेम प्राप्त करना होना चाहिए।
कथा श्रवण करने का अनुरोध
विद्यार्थी परिवार के संयोजक सतीश त्रिपाठी, डॉ. अनिला कंवर, डॉ. प्रवीणा दवेसर, डॉ.अंजना श्रीवास्तव, श्वेता नागर, तुषार कोठारी, नीरज शुक्ला, राजेश मूणत, आरिफ कुरैशी ने कथा श्रवण करने का अनुरोध किया है।
Hemant Bhatt